समाज जागरण पटना जिला संवाददाता:- वेद प्रकाश
पटना/ बिहार में आज शाम 4 बजे नीतीश मंत्रिमंडल का विस्तार होगा। इसे लेकर राजभवन को चिट्ठी भेजी गई है। इधर, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने बुधवार को मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। जानकारी के मुताबिक 7 विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे। इसमें बीजेपी से 5 और जदयू कोटे से 2 मंत्री बनेंगे। अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ ने राजभवन में राज्यपाल के प्रधान सचिव से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि सीएम नीतीश कुमार ने उन्हें लिस्ट लेकर भेजा था। इस्तीफा देने के बाद दिलीप जायसवाल ने कहा- ‘बीजेपी में एक व्यक्ति एक पद का फॉर्मूला है, इसलिए मैंने आज मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। कैबिनेट विस्तार होना तय है। ये मुख्यमंत्री जी का अधिकार है। इसमें जातीय समीकरण का भी ध्यान रखा जाएगा।’ ‘मैंने राजस्व विभाग में हमेशा अच्छा करने की कोशिश की। भविष्य में भी मेरे बारे में चर्चा चलेगी। राजस्व विभाग में हमने सर्वे का काम शुरू किया था। उस दौरान उथल-पुथल मची हुई थी। हमने फिर भी अपना काम जारी रखा। 14 करोड़ पन्नों को हमने डिजिटल किया। नीतीश कुमार की मौजूदा कैबिनेट में कुल 30 मंत्री हैं। 6 मंत्रियों की जगह खाली है। बुधवार को दिलीप जायसवाल के मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद कुल 7 जगह खाली हो चुकी हैं। अभी तमाम ऐसे मंत्री हैं जिनके पास एक से ज्यादा विभाग हैं। विपक्ष लगातार इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरता रहा है। इसी कारण चुनाव के पहले कैबिनेट विस्तार किया जा रहा है। सरकार कैबिनेट विस्तार के जरिए जातिगत समीकरण को भी साधना चाहती है। कैबिनेट में जो नए मंत्री शपथ लेंगे उनमें भी जातिगत समीकरण के हिसाब से ही मंत्री बनाए जाएंगे। पिछले एक साल से नीतीश कैबिनेट विस्तार की चर्चा चल रही थी। मंगलवार को जेपी नड्डा के साथ हुई कोर कमेटी की बैठक के बाद इस पर मुहर लगी। कोर कमेटी की बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई है कि किन चेहरों को शामिल किया जाए। कैबिनेट विस्तार को लेकर बीजेपी कोटे से 4 से 5 विधायकों के मंत्री बनाने की चर्चा तेज है। जिन मंत्रियों के पास दो या दो से अधिक मंत्री पद हैं, उनसे एक विभाग को लिया जा सकता है। ये विभाग नए मंत्री को दिया जाएगा। कई ऐसे मंत्री हैं, जिसके पास दो या दो से अधिक विभाग हैं। जानकारी के मुताबिक पार्टी के बड़े चेहरे से भी विभाग की कटौती की जा सकती है। ये नए मंत्री को दी जा सकती है। बिहार में होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार में 2025 विधानसभा चुनाव को देखते हुए जातीय गणित को भी साधने की कोशिश की गई है। जानकारी के मुताबिक, अगड़ी जाति से दो मंत्री बन सकते हैं। राजपूत और भूमिहार जाति से भी मंत्री बन सकते हैं। अति पिछड़ा में दो लोगों को मंत्री बनाया जा सकता है। तेली जाति से एक मंत्री बनना लगभग तय है। पिछड़ा समाज से भी बन मंत्री सकते हैं। कुर्मी और कुशवाहा समाज से एक-एक मंत्री बनाने की चर्चा है।
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