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सुबह PUC सेंटर बंद, शाम को पहुंचते-पहुंचते ताला! चालान के डर के बीच नोएडा के वाहन चालकों की बड़ी मांग

ड्यूटी जाने वालों के लिए PUC बनवाना बना चुनौती, बोले- सुबह 7 से रात 10 बजे तक खुलें केंद्र

समाज जागरण/विशेष संवाददाता
नोएडा। वाहनों के प्रदूषण प्रमाणपत्र यानी पीयूसी (PUC) को लेकर नियमों का पालन जरूरी है, लेकिन नोएडा में पीयूसी केंद्रों के संचालन समय को लेकर वाहन चालकों के बीच परेशानी और सवाल दोनों बढ़ रहे हैं। खासकर उन लोगों के लिए समस्या अधिक है, जो सुबह जल्दी ड्यूटी पर निकलते हैं और शाम को देर से घर लौटते हैं।

वाहन चालकों का कहना है कि कई पीयूसी केंद्रों के संचालन का समय आम नौकरीपेशा लोगों की दिनचर्या से मेल नहीं खाता। सुबह जब लोग अपने कार्यालय और औद्योगिक इकाइयों के लिए निकलते हैं, उस समय कई केंद्र खुले नहीं होते। वहीं शाम को ड्यूटी खत्म करके लौटने तक कुछ केंद्र बंद हो चुके होते हैं।

‘ड्यूटी छोड़कर PUC बनवाएं या चालान से बचें?’

नोएडा-ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में हजारों कर्मचारी रोजाना अपने निजी वाहनों से आवागमन करते हैं। कई लोगों की ड्यूटी सुबह 8 या 9 बजे शुरू हो जाती है। ऐसे में यदि पीयूसी प्रमाणपत्र समाप्त हो गया हो तो उसे समय पर बनवाना आसान नहीं रहता।

एक वाहन चालक ने बताया कि सुबह ड्यूटी पर जाने के समय पीयूसी केंद्र बंद रहते हैं और शाम को काम से लौटने के बाद कई केंद्रों का समय समाप्त हो जाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि आम वाहन चालक अपने काम के साथ-साथ अनिवार्य दस्तावेजों को अपडेट रखने की व्यवस्था कैसे करे।

नोएडा में बढ़े PUC केंद्रों के संचालन के घंटे

वाहन चालकों की मांग है कि नोएडा जैसे औद्योगिक और व्यस्त शहर में पीयूसी केंद्रों के संचालन का समय बढ़ाया जाना चाहिए। उनकी मांग है कि प्रमुख स्थानों और औद्योगिक क्षेत्रों में पीयूसी केंद्र सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक संचालित किए जाएं।

हालांकि, उपलब्ध सरकारी जानकारी में उत्तर प्रदेश के लिए ‘Uttar Pradesh Online Motoryan Pollution Checking Centre Scheme-2020’ दर्ज है, लेकिन सभी पीयूसी केंद्रों के लिए पूरे राज्य में एक समान सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक का अनिवार्य समय निर्धारित होने की पुष्टि नहीं मिलती।

कुछ केंद्र देर तक खुले, फिर भी एकरूपता की जरूरत

स्थानीय स्तर पर पीयूसी केंद्रों के संचालन समय में अंतर देखने को मिलता है। कहीं केंद्र शाम तक चलते हैं तो कहीं देर रात तक सेवा उपलब्ध होने की जानकारी मिलती है। ऐसे में वाहन चालकों का कहना है कि पूरे नोएडा में प्रमुख क्षेत्रों के लिए कम से कम कुछ विस्तारित समय वाले PUC केंद्र तय किए जाने चाहिए।

इससे उन लोगों को सुविधा मिलेगी जो सुबह जल्दी निकलते हैं या शाम को देर से लौटते हैं।

मेट्रो और औद्योगिक क्षेत्रों के पास हो विशेष व्यवस्था

वाहन चालकों का सुझाव है कि NSEZ, फेस-2, सेक्टर-63, सेक्टर-64, सेक्टर-65, सेक्टर-62 सहित प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों और मेट्रो स्टेशनों के आसपास विस्तारित समय वाले पीयूसी केंद्र उपलब्ध कराए जाएं।

यदि सुबह और शाम के व्यस्त समय में मोबाइल या अतिरिक्त पीयूसी सुविधा उपलब्ध हो तो बड़ी संख्या में वाहन चालक बिना ड्यूटी प्रभावित किए अपना प्रदूषण प्रमाणपत्र बनवा सकते हैं।

PUC डेटा ऑनलाइन सिस्टम से जुड़ा

केंद्रीय परिवहन मंत्रालय की व्यवस्था के तहत PUC से संबंधित उत्सर्जन डेटा को VAHAN डेटाबेस से जोड़ने की व्यवस्था की गई है। Parivahan के अनुसार mParivahan के माध्यम से नागरिक वाहन से संबंधित दस्तावेजों और PUCC की वैधता तथा चालान इतिहास जैसी जानकारी भी देख सकते हैं।

वहीं Parivahan के PUC सिस्टम में वाहन का पंजीकरण नंबर डालकर PUC से संबंधित विवरण देखने की सुविधा भी उपलब्ध है।

नियमों के साथ सुविधा भी जरूरी

वाहन चालकों का कहना है कि प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का पालन होना चाहिए और वाहन का वैध PUC प्रमाणपत्र भी जरूरी है। लेकिन इसके साथ ऐसी व्यवस्था भी होनी चाहिए जिससे आम नागरिक आसानी से नियमों का पालन कर सके।

जब वाहन चालक सुबह ड्यूटी पर निकलता है और शाम को देर से घर लौटता है, तो उसके लिए PUC बनवाने की सुविधा भी उसी के समय के अनुसार उपलब्ध होनी चाहिए।

अब सवाल यह है कि क्या नोएडा में PUC केंद्रों के संचालन का समय बढ़ाकर सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक करने पर प्रशासन और परिवहन विभाग को विचार नहीं करना चाहिए?

वाहन चालकों का कहना है कि इससे प्रदूषण जांच की सुविधा बढ़ेगी, नियमों का पालन आसान होगा और समय की कमी के कारण होने वाली परेशानी भी कम हो सकती है।


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