सेक्टर 27 अट्टा मार्केट, जो नोएडा का एक प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है, वर्तमान में अतिक्रमण, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही के गंभीर मुद्दों से ग्रस्त है। इस समस्या ने न केवल क्षेत्र के व्यापारिक तंत्र को बाधित किया है, बल्कि स्थानीय निवासियों के जीवन को भी कठिन बना दिया है।

पूर्व सांसद प्रत्याशी नरेश नौटियाल ने हाल ही में इस क्षेत्र का दौरा किया और रेहड़ी-पटरी दुकानदारों से संवाद कर मौजूदा हालात का जायजा लिया। उनके दौरे से यह स्पष्ट हुआ कि प्रशासन की निष्क्रियता और भ्रष्ट तंत्र के कारण अतिक्रमण एक बार फिर इस क्षेत्र मे चरम पर है और प्रशासनिक अधिकारी लापरवाही बरतने मे कोई कसर नही छोड़ रहे है।
रेहड़ी-पटरी दुकानदारों की समस्याएँ
सांसद प्रतिनिधि को दुकानदारों ने बताया कि उनसे हर महीने ₹15,000 से ₹20,000 तक की अवैध उगाही की जाती है, जिसे कथित तौर पर प्रशासनिक अधिकारियों और प्रभावशाली व्यक्तियों तक पहुँचाया जाता है। सेक्टर 27 और 18 से अतिक्रमण हटाने की कई प्रयास किए गए लेकिन सभी असफल रहा है। नोएडा प्राधिकरण के द्वारा पूर्व मे किए गए प्रयासों की विफलता को अगर समझना है तो हमे सेक्टर 38ए मे बनी वेंडिंग जोन को भी समझना होगा। सेक्टर 38ए में 300 वेंडिंग ज़ोन की व्यवस्था की गई थी, लेकिन यह प्रयास प्रशासनिक निष्क्रियता और राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण विफल हो गया। कारण सभी वेंडर पुन: अपना कारोबार फिर से सेक्टर 27 और 18 मे जमा लिया।
भ्रष्टाचार का बोलबाला: दुकानदारों का दावा है कि प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलीभगत के कारण अतिक्रमण हटाने की हर कोशिश निष्फल होती रही है।
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