नोएडा। अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मुन्ना कुमार शर्मा ने बताया कि चैत्र शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि पर चैती छठ महापर्व के अवसर पर मंगलवार सायंकाल व्रतियों द्वारा अस्ताचलगामी भगवान सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित किया गया।
छठव्रतियों ने पारंपरिक विधि-विधान के अनुसार पकवान, लड्डू, बताशा, बध्दी, अगरबत्ती, सिंदूर एवं विभिन्न प्रकार के फलों को सूप में सजाकर हाथों में उठाया और जल में खड़े होकर भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। इस दौरान श्रद्धालुओं एवं परिवार के सदस्यों ने भी जल अर्पित कर पूजा-अर्चना की।

उन्होंने बताया कि बुधवार प्रातःकाल चैत्र शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर व्रत का समापन किया जाएगा।
डॉ. शर्मा ने कहा कि भगवान सूर्य की उपासना का यह महान छठ महापर्व वर्ष में दो बार—चैत्र और कार्तिक माह में—श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। छठव्रती नदी, तालाब या कृत्रिम जलाशयों में खड़े होकर अर्घ्य अर्पित करते हैं।
यह पर्व बिहार, पूर्वांचल, झारखंड और पश्चिम बंगाल सहित देश के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले पूर्वांचलवासियों द्वारा पूरे उत्साह और आस्था के साथ मनाया जाता है।
Discover more from समाज जागरण
Subscribe to get the latest posts sent to your email.



