समाज जागरण पटना जिला संवाददाता:- वेद प्रकाश
पटना/ लोक आस्था का महापर्व चैती छठ पर्व के तीसरे दिन मंगलवार की शाम पटना जिले के दुल्हिन बाजार प्रखण्ड क्षेत्र के उलार गांव स्थित प्रसिद्ध उलार्क सूर्य मंदिर परिसर में स्थित चमत्कारी तालाब में डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए छठ ब्रतीयो की भीड़ उमड़ पड़ी।
प्राप्त सूचना के अनुसार दुल्हिन बाजार प्रखण्ड क्षेत्र के उलार गांव में विश्व प्रसिद्ध उलार्क सूर्य मंदिर स्थित है। जिसके परिसर में मंगलवार की शाम छठ ब्रतीयो की भीड़ उमड़ पड़ी। वही सुरक्षा को लेकर पुलिस टीम के साथ पालीगंज एसडीओ चंदन कुमार, एसडीपीओ 1 राजीवचन्द्र सिंह, एसडीपीओ 2 पंकज शर्मा, थानाध्यक्ष सोनू कुमार लगातार निरीक्षण करते रहे। वही बैंड बाजे के साथ छठ व्रती उलार सूर्य मंदिर पहुंचे।
जहां ब्रतीयो ने सबसे पहले मंदिर परिसर में बने पौराणिक तालाब का परिक्रमा किया। उसके बाद तालाब में स्नान कर अस्तलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया। वही छठ ब्रतीयो ने मंदिर में प्रवेश किया व भाष्कर की प्रतिमा की पूजा अर्चना किया। अर्घ्य के दौरान तालाब में अप्रिय घटना से शुरक्षा के लिये बेरिकेटिंग के साथ एसडीआरएफ की टीम भी तैनात रही। मंदिर परिसर तथा आसपास में छठ ब्रतीयो व श्रद्धालुओ की सुविधा को लेकर प्रशासन की ओर से लाइटिंग, शौचालयों, चिकित्सीय व्यवस्था व पेयजल सहित अन्य सभी प्रकार की समुचित ब्यवस्था की गई है।
ज्ञात हो कि उलार्क सूर्यमन्दिर का सम्बन्ध द्वापर युग से है। शाम्ब पुराण में वर्णित कथाओं के अनुसार श्रीकृष्ण के जामवंती पुत्र राजा शाम्ब ने कुष्ठ रोग से मुक्ति के लिए यहां पर सर्वप्रथम सूर्योपासना व छठ ब्रत किया था। तब से आजतक यहाँ देश के कोने कोने से श्रद्धालु पहुंचते है तथा छठ ब्रत करते है। माना जाता है कि यहां जो भी मन्नते मानते है उनकी मन्नते पूरी हो जाती है। कुछ लोग मन्नते पूरी होने पर महिलाएं अपनी आँचल पर नेटुये का नाच भी कराती है।
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