नोएडा। सेक्टर-62 स्थित आईएमएस लॉ कॉलेज में नए शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ करते हुए छात्रों के लिए ओरिएंटेशन का आयोजन हुआ। यह कार्यक्रम 26 अगस्त से 1 सितम्बर तक जारी रहेगा। जिसमें वरिष्ठ अधिवक्ता एवं लीगल एक्सपर्ट छात्रों का मार्गदर्शन करेंगे। वहीं आज के कार्यक्रम के दौरान आईएमएस के महानिदेशक प्रोफेसर (डॉ.) विकास धवन, डीन प्रोफेसर (डॉ.) नीलम सक्सेना, विभागाध्यक्ष, शिक्षक एवं छात्रों ने अपनी मौजूदगी दर्ज करायी।
ओरिएंटेशन के दौरान विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए आईएमएस के महानिदेशक प्रोफेसर (डॉ.) विकास धवन ने कहा कि कानून के अध्ययन में केवल पुस्तकीय ज्ञान हासिल करना ही पर्याप्त नहीं है। किसी भी विधि छात्र के लिए यह आवश्यक है कि वह समाज, न्याय और नैतिक मूल्यों से गहराई से जुड़कर सोचे और उन्हें अपने जीवन में आत्मसात करे। उन्होंने कहा कि एक सफल अधिवक्ता या विधि विशेषज्ञ वही बन सकता है, जो किताबों से मिले ज्ञान को समाज की वास्तविक समस्याओं से जोड़कर व्यावहारिक समाधान निकालने की क्षमता विकसित करे।

वहीं डीन प्रोफेसर (डॉ.) नीलम सक्सेना ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि विधि की शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल करियर बनाना नहीं है, बल्कि न्याय की रक्षा करना, सामाजिक समानता को बढ़ावा देना और लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त करना है। इसलिए आवश्यक है कि छात्र अपने व्यक्तित्व में संवेदनशीलता, नैतिकता, तर्कशक्ति और सकारात्मक दृष्टिकोण का विकास करें, तभी वे भविष्य में न्याय व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने में योगदान दे पाएंगे।
आईएमएस लॉ कॉलेज की विभागाध्यक्ष डॉ. अंजुम हसन ने बताया कि इस सप्ताहिक कार्यक्रम में नए विद्यार्थियों को विधिक शिक्षा की बारीकियों से अवगत कराया जाएगा। उनके साथ शैक्षणिक वातावरण के साथ-साथ भविष्य की संभावनाओं की तैयारी की चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान विधि क्षेत्र के शिक्षाविद और विशेषज्ञ छात्रों का मार्गदर्शन करेंगे तथा उन्हें करियर निर्माण, नैतिक मूल्यों और व्यक्तित्व विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान करेंगे।
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