*नोएडा।** सेक्टर-63, सेक्टर-63ए एवं सेक्टर-106 में पराग डेयरी तथा हिमाचल जूस (HPMC) के नाम पर आवंटित कियोस्क और स्थानों को लेकर स्थानीय वेंडरों एवं रेहड़ी-पटरी संचालकों ने नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी से शिकायत कर निष्पक्ष जांच की मांग की है। वेंडरों का आरोप है कि कुछ प्राइम लोकेशन पर आवंटित स्थानों का कथित रूप से निर्धारित उद्देश्य के विपरीत इस्तेमाल किया जा रहा है।

वेंडरों द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि पराग डेयरी एवं HPMC के नाम पर विशेष उत्पादों की बिक्री के लिए आवंटित स्थानों पर कथित रूप से फास्ट-फूड, अन्य खाद्य सामग्री एवं अलग-अलग प्रकार के सामान की बिक्री की जा रही है। वेंडरों ने HPMC से संबंधित दस्तावेज के Clause-15 का हवाला देते हुए इसकी जांच कराने की मांग की है।
शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, Clause-15 में HPMC Ltd. द्वारा निर्मित उत्पादों के अतिरिक्त किसी अन्य कंपनी अथवा संस्था द्वारा निर्मित खाद्य/फल उत्पादों को रखने या बेचने पर प्रतिबंध संबंधी शर्त का उल्लेख है। ऐसे में वेंडरों ने मांग की है कि संबंधित कियोस्कों का स्थलीय निरीक्षण कर यह सत्यापित किया जाए कि आवंटन की शर्तों का पालन हो रहा है या नहीं।
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## एक व्यक्ति या परिवार को कई आवंटन की भी शिकायत
प्रार्थना पत्र में एक ही व्यक्ति अथवा परिवार के सदस्यों के नाम पर कई-कई कियोस्क या स्थान आवंटित किए जाने की शिकायत भी की गई है। इसके अलावा कुछ आवंटित स्थानों को वास्तविक आवंटी द्वारा स्वयं संचालित करने के बजाय कथित रूप से करीब **30 हजार रुपये प्रतिमाह किराये** पर अन्य लोगों को दिए जाने का आरोप लगाया गया है।
वेंडरों ने मांग की है कि प्रत्येक आवंटी का सत्यापन कराया जाए और यह जांच की जाए कि आवंटित स्थान पर वास्तविक आवंटी स्वयं व्यवसाय कर रहा है अथवा किसी अन्य व्यक्ति को संचालन सौंपकर आर्थिक लाभ प्राप्त कर रहा है।
## पराग डेयरी के आवंटनों की भी जांच की मांग
शिकायतकर्ताओं ने पराग डेयरी के नाम पर आवंटित स्थानों की भी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इन स्थानों पर निर्धारित डेयरी उत्पादों के बजाय कहीं अन्य व्यवसाय अथवा फास्ट-फूड का संचालन तो नहीं किया जा रहा है, इसकी स्थलीय जांच आवश्यक है।
वहीं HPMC/हिमाचल जूस के नाम पर आवंटित कियोस्क में अन्य कंपनियों के उत्पादों की बिक्री हो रही है या नहीं, इसे भी दस्तावेजों में निर्धारित शर्तों के आधार पर जांचने की मांग की गई है।
## आवंटन की पूरी फाइल जांचने की मांग
वेंडरों ने नोएडा प्राधिकरण से संबंधित सभी आवंटनों की पूरी फाइल की जांच कराने की मांग की है। इसमें आवेदन, पात्रता, आवंटन आदेश, भुगतान, आवंटन की शर्तें, वास्तविक कब्जा और वर्तमान में संचालित व्यवसाय का सत्यापन शामिल है।
शिकायतकर्ताओं ने यह भी मांग की है कि यदि जांच में किसी आवंटी द्वारा नियमों अथवा आवंटन की शर्तों का उल्लंघन पाया जाता है या स्थान को अवैध रूप से किराये पर देने की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार आवंटन निरस्त कर कार्रवाई की जाए।
## शिकायत करने वाले वेंडरों की सुरक्षा की भी मांग
प्रार्थना पत्र में कुछ स्थानीय वेंडरों द्वारा शिकायत या विरोध करने पर कथित रूप से धमकी एवं मारपीट किए जाने की बात भी कही गई है। शिकायतकर्ताओं ने ऐसे मामलों में पुलिस स्तर से भी आवश्यक कार्रवाई और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
वेंडरों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी वैध व्यवसायी का विरोध करना नहीं है। उनकी मांग केवल यह है कि नोएडा प्राधिकरण की भूमि एवं स्थानों का आवंटन पारदर्शी तरीके से हो, निर्धारित शर्तों का पालन सुनिश्चित किया जाए और किसी एक व्यक्ति या परिवार को नियमों के विपरीत अनुचित लाभ न मिले।
शिकायतकर्ताओं ने नोएडा प्राधिकरण से मामले की गंभीरता को देखते हुए **सभी संबंधित आवंटनों की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने** की मांग की है।
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