संदीप गर्ग / नोएडा : राष्ट्रीय परशुराम परिषद द्वारा मंगलवार को नोएडा को आयोजित प्रेसवार्ता में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भव्य परशुराम धाम निर्माण की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। परिषद के पदाधिकारियों ने बताया कि करीब 200 एकड़ भूमि में इस धाम को विकसित करने की योजना है, जिसके लिए सरकार और विभिन्न सामाजिक संगठनों से वार्ता जारी है। साथ ही नोएडा में भी परशुराम भवन निर्माण की घोषणा की गई।
प्रेस वार्ता के दौरान परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) विनय शर्मा ने जानकारी दी कि परशुराम जन्मोत्सव के अवसर पर गोवा में आयोजित हो रहे भव्य महोत्सव ने धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण को नई दिशा दी है। गोवा सरकार और राष्ट्रीय परशुराम परिषद के संयुक्त तत्वावधान में 19 अप्रैल से 25 अप्रैल तक चल रहे इस महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं। महोत्सव का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। इसके बाद समुद्र तट पर भगवान परशुराम की प्रतिमा पर पहली बार भव्य महाआरती का आयोजन किया गया, जिसे अब नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन में गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दामू नाइक और परिषद के संस्थापक एवं पूर्व राज्य मंत्री सुनील भराला सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लगभग 10 हजार लोगों की सहभागिता रही, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद शर्मा ने बताया कि भगवान परशुराम, भगवान विष्णु के छठे अवतार माने जाते हैं। मान्यता है कि उन्होंने अपने परशु से समुद्र को पीछे हटाकर गोवा (प्राचीन गोमंतक) और गोकर्ण क्षेत्र की रचना की थी, जिससे यह भूमि उनकी तपोभूमि के रूप में प्रसिद्ध है।
महोत्सव के दौरान प्रतिदिन धार्मिक कथा, भजन, यज्ञ, सांस्कृतिक कार्यक्रम और जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। परिषद ने यह भी स्पष्ट किया कि भगवान परशुराम के संबंध में फैलाई जा रही भ्रांतियों को दूर कर उनके जीवन मूल्यों और संस्कारों को समाज तक पहुंचाना आवश्यक है। इस मौके पर राष्ट्रीय महामंत्री सुधीर कुमार शर्मा, राष्ट्रीय प्रवक्ता शिवानी सिंह, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी आकांक्षा तथा क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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