समाज जागरण पटना जिला संवाददाता:- वेद प्रकाश
पटना/ पटना एयरपोर्ट को लेकर शनिवार की रात एयरपोर्ट डायरेक्टर के आधिकारिक ईमेल पर बम से उड़ाने की धमकी दी गई। यह ईमेल देर रात आया था, जिसमें दावा किया गया कि एयरपोर्ट परिसर में बम रखा गया है जो किसी भी समय विस्फोट कर सकता है। जैसे ही रविवार सुबह यह ईमेल अधिकारियों की नजर में आया, पूरे एयरपोर्ट प्रशासन में हड़कंप मच गया। ईमेल की सूचना मिलते ही सबसे पहले इसकी जानकारी संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को दी गई। बम थ्रेट एसेस्मेंट कमेटी को भी तुरंत सक्रिय किया गया। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, स्थानीय पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने मिलकर पूरे एयरपोर्ट की गहन छानबीन शुरू कर दी। साथ ही, श्वान दस्ते को भी तलाशी अभियान में लगाया गया ताकि किसी भी संदिग्ध वस्तु को सूंघकर पहचाना जा सके। सुरक्षा एजेंसियों ने एयरपोर्ट के हर हिस्से की गहन तलाशी ली। यात्री टर्मिनल, बैगेज एरिया, पार्किंग जोन और कार्गो सेक्शन समेत एयरपोर्ट के सभी इलाकों को सघनता से खंगाला गया।
हालांकि, कई घंटे चले इस ऑपरेशन के बाद भी कहीं से भी कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक नहीं मिला। इससे अधिकारियों को राहत की सांस मिली, लेकिन खतरे को देखते हुए सुरक्षा में कोई ढील नहीं बरती गई। बम की धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद एयरपोर्ट के मुख्य सुरक्षा अधिकारी विक्की सिंह ने हवाई अड्डा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी के अनुसार, जांच के बाद ही यह पता चल पाएगा कि धमकी देने वाले की मंशा क्या थी और उसके पीछे की असली वजह क्या है।
अभी तक आरोपी की पहचान नहीं हो सकी है। इस घटना पर साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ मुकेश चौधरी ने बताया कि ऐसे मामलों में आरोपियों की पहचान करना आसान नहीं होता। अगर ईमेल वर्चुअल नंबर या नकली पहचान के जरिए बनाया गया हो, तो जांच लंबी चल सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान तकनीकी संसाधनों के जरिए पुलिस को ईमेल भेजने वाले के लोकेशन और आईपी ऐड्रेस जैसी जानकारियों को ट्रेस करने में समय लग सकता है। पटना एयरपोर्ट बिहार का प्रमुख हवाई अड्डा है, जहां रोजाना हजारों यात्रियों की आवाजाही होती है। ऐसे में बम की धमकी जैसे मामले को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इस तरह की हरकतें न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती हैं, बल्कि यात्रियों में भय का माहौल भी पैदा करती हैं। इसलिए सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को गंभीरता से लेकर हर पहलू की जांच कर रही हैं। फिलहाल पुलिस और साइबर सेल की टीम मिलकर धमकी भरे ईमेल की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। अधिकारी उम्मीद जता रहे हैं कि जल्द ही आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि धमकी देने वाले की मंशा दहशत फैलाने की थी या इसके पीछे कोई और गहरी साजिश थी। इस घटना ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया कि डिजिटल माध्यमों का दुरुपयोग करके असामाजिक तत्व किस तरह से अफरा-तफरी फैलाने की कोशिश करते हैं। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता और सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया।




