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मनेर के ऑटो चालक ने पेश की ईमानदारी की मिसाल

50 हजार रुपये के सामान से भरा बैग लौटाकर जीता लोगों का दिल

पटना। आज के दौर में जहां छोटी-छोटी चीजों के लिए लोग बेईमानी करने से भी पीछे नहीं हटते, वहीं पटना के मनेर क्षेत्र के एक ऑटो चालक ने अपनी ईमानदारी से इंसानियत और नैतिकता की मिसाल पेश की है। सड़क पर मिला करीब 50 हजार रुपये के सामान और नकदी से भरा बैग उसके असली मालिक तक सुरक्षित पहुंचाकर ऑटो चालक ने साबित कर दिया कि आज भी समाज में ईमानदारी जिंदा है। खास बात यह रही कि बैग लौटाने के बाद मालिक की ओर से इनाम देने की पेशकश भी उन्होंने विनम्रता से ठुकरा दी।

जीपीओ के पास मिला था लावारिस बैग

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मनेर थाना क्षेत्र की खासपुर पंचायत निवासी विनोद कुमार तिवारी उर्फ ‘पंडित जी’ दानापुर से पटना जंक्शन के बीच ऑटो चलाते हैं। शनिवार की रात ड्यूटी के दौरान उन्हें पटना जीपीओ के समीप सड़क पर एक बैग गिरा हुआ दिखाई दिया। उन्होंने बैग उठाने के बाद आगे जा रहे ई-रिक्शा पर सवार यात्रियों को आवाज लगाई और काफी दूर तक उनका पीछा भी किया, लेकिन सड़क पर भारी जाम के कारण ई-रिक्शा पकड़ में नहीं आ सका।

बैग में मिले 20 हजार रुपये और दो कीमती मोबाइल

जब विनोद कुमार तिवारी ने बैग खोलकर देखा तो उसमें 20 हजार रुपये नकद, दो कीमती मोबाइल फोन और कई जरूरी सामान व कागजात मौजूद थे। बैग में रखे मोबाइल पर लगातार फोन आ रहे थे, लेकिन साइलेंट मोड में होने के कारण कॉल तुरंत रिसीव नहीं हो सकी। इसके बाद उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए अपने मोबाइल से संबंधित नंबर पर संपर्क किया। बातचीत के दौरान पता चला कि बैग सारण जिले के मांझी थाना क्षेत्र के मेहंदी गांव निवासी विनोद कुमार गुप्ता का है। वह वर्तमान में झारखंड में कृषि निरीक्षक के पद पर कार्यरत हैं।

मुखिया प्रतिनिधि की मौजूदगी में लौटाया पूरा सामान

अगले दिन रविवार को बैग के मालिक विनोद कुमार गुप्ता मनेर के खासपुर पहुंचे। यहां स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि बोधनाथ यादव की मौजूदगी में बैग में रखे सामान, नकदी और जरूरी कागजात का मिलान किया गया। इसके बाद पूरा सामान सुरक्षित रूप से उनके सुपुर्द कर दिया गया।

इनाम की पेशकश भी ठुकराई

अपना खोया हुआ कीमती सामान वापस पाकर विनोद कुमार गुप्ता काफी खुश हुए। उन्होंने ऑटो चालक विनोद कुमार तिवारी को इनाम के तौर पर कुछ राशि देने की पेशकश की, लेकिन ऑटो चालक ने इसे स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया।

उन्होंने कहा कि किसी दूसरे की अमानत में खयानत नहीं करनी चाहिए। किसी की खोई हुई चीज को सही-सलामत उसके मालिक तक पहुंचाना उनका फर्ज है। इसके लिए उन्हें किसी इनाम या तोहफे की जरूरत नहीं है।

ऑटो चालक की इस सोच और ईमानदारी की क्षेत्र में खूब सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विनोद कुमार तिवारी जैसे लोग समाज में भरोसे और इंसानियत को कायम रखते हैं। उनकी यह पहल उन लोगों के लिए भी प्रेरणा है, जो मुश्किल परिस्थितियों में सही और गलत के बीच फैसला करते हैं।

समाज जागरण | पटना जिला संवाददाता – वेद प्रकाश


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