
अभिषेक तिवारी
अमेठी जनपद के विकासखंड भादर के टीकर माफी में चल रही श्री मद् भागवत कथा के तीसरे दिन कथा व्यास भागवत मानस राजहंस डॉ अनिल पाण्डेय व्यास जी ने कहा की संसार की सारी माताएं अपने बच्चों को संसार से जोड़ती है।
उदर भरई सोई धर्म सिखावई किन्तु पौराणिक तीन माताएं ऐसी है। जो अपने पुत्रों को संसार से हटाकर भगवान से जोड़ दिया। भागवत कथा की सुनीति माता एवं मदालसा तथा रामायण की सुमित्रा माता उन्होंने कहा कि ध्रुव की माता सुनीति ने कहा कि बेटा तुम जंगल मे जाकर भगवान की गोद प्राप्त करे। ध्रव ने कहा मै जंगल में जाकर भगवान को कहां ढूंटूंगा क्योंकि मुझे नहीं पता कि भगवान कहां रहते है ।
सुनीति ने कहा बेटा तुम्हें नही पता कि वह कहां है किन्तु उन्है पता है कि तुम कहां हो तुम तो उनका नाम लेकर पुकरो वह जहां भी होगे तुम्हारे सामने प्रकट हो जाएगे। ध्रुव ने कहा मां भगवान का ना म क्या है उनका कौन सा नाम लेकर पुकरुंगा ।
सुनीति ने कहां भगवान के अनंत नाम है। उनमें तुमको कौन सा नाम लेकर पुकारना है। इसे संत सदुरू बताएगें ध्रव नेकहा कि ने कहां मिलेंगे तो माता ने कहा तुम तो वन मे जाओं उसकी व्यवस्था भगवान स्वंय करेंगे कथा व्यास ने कहा कि माता की बातों पर विश्वास करके ध्रुव जी चल दिये। नारद की कृपा से उन्हें भगवान का दर्शन तथा अटल ध्रुव पद प्राप्त हुआ। ध्रुव संग लानी जपेउ हरि नाउ द्य पायहु आंचल अनुपम ढाऊं। कथा कार्यक्रम में आयोजक मंडल के सन्तोष श्रीवास्तव सुनील श्रीवास्तव डा शारद श्रीवास्तव ने आए हुए आंगतुको का स्वागत किया कार्यक्रम मे संग्रामपुर थाना प्रभारी परशुराम ओझा पूरे दल बाल के साथ मौजूद रह कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए। कथा का आनंद उठाया। भागवत कथा व्यास के तीसरे दिन मुख्य यजमान भगवंत किशोर लाल श्रीमती कृष्णा श्रीवास्तव सहित भारी संख्या मे श्रोताओं संगीत कथा का आनंद उठाया ।