- एक लाख रूपये अर्थदंड, न देने पर 6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी
- अर्थदंड की धनराशि में से 80 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी
- करीब साढ़े तीन वर्ष पूर्व 8 वर्ष की नाबालिग लड़की के साथ हुए दुष्कर्म का मामला
समाज जागरण ब्यूरो
सोनभद्र। करीब साढ़े तीन वर्ष पूर्व खेलने गई 8 वर्ष की नाबालिग लड़की के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने मंगलवार को सुनवाई करते हुए पॉक्सो एक्ट में दोषसिद्ध पाकर दोषी देवशाह को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। जो उसके शेष प्राकृतिक जीवन काल के लिए कारावास रहेगा। उसके ऊपर एक लाख रूपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर 6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अर्थदंड की धनराशि में से 80 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक चोपन थाना क्षेत्र निवासी पीड़िता के पिता ने 13 जून 2022 को चोपन थाने में दी तहरीर में अवगत कराया था कि 12 जून 2022 को शाम 4 बजे उसकी 8 वर्षीय नाबालिग बेटी खेलने गई थी जहां देवशाह पुत्र लालता प्रसाद निवासी कैम्हापान पनारी, थाना चोपन, जिला सोनभद्र ने दुष्कर्म किया और धमकी देकर कहा कि घर पर बताना कि कुत्ता काट लिया है, चला गया। जब बेटी को लेकर अस्पताल गया तो डॉक्टर ने कहा कि कुत्ता नहीं काटा है। पहले एफआईआर दर्ज करवा कर आओ तब इलाज होगा। इस तहरीर पर चोपन पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दिया। विवेचना के दौरान पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था।
मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्को को सुनने, 8 गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर पॉक्सो एक्ट में दोषी देवशाह (30) वर्ष को कठोर उम्रकैद जो उसके शेष प्राकृतिक जीवनकाल के लिए कारावास होगा एवं एक लाख रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वही अर्थदंड की धनराशि में से 80 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी व नीरज कुमार सिंह ने बहस की।
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