google-site-verification: google2b21991adbe5cec3.html

नवीन भव्य प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न

समाज जागरण
अमरकंटक। मध्यप्रदेश की जीवनरेखा, पुण्य सलिला माँ नर्मदा की उद्गम स्थली अमरकंटक में 9 से 11 फरवरी तक आयोजित तीन दिवसीय महाअनुष्ठान के पश्चात माँ नर्मदा की नवीन भव्य प्रतिमा की विधिवत स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा की गई। इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन ने अमरकंटक सहित आसपास के क्षेत्रों को भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक चेतना से आलोकित कर दिया।


यह भव्य अनुष्ठान परम तपस्वी बाबा श्री कल्याण दास जी महाराज जी की प्रेरणा एवं कल्याण आश्रम के प्रबंधक स्वामी श्री हिमाद्री मुनि जी के मार्गदर्शन में माँ नर्मदा की नवीन प्रतिमा विशेष रूप से जयपुर से काले ग्रेनाइट पत्थर में उत्कृष्ट शिल्पकला के साथ निर्मित कर मंगाई गई थी। प्रतिमा का शांत, सौम्य और दिव्य स्वरूप श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा। तीन दिनों तक चले वैदिक अनुष्ठानों में मंदिर परिसर की शुद्धि, मंडप स्थापना, कलश स्थापना एवं गणेश-अंबिका पूजन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसके पश्चात जलाधिवास, धान्याधिवास एवं घृताधिवास जैसी पारंपरिक विधियां सम्पन्न की गईं, जिनके माध्यम से प्रतिमा के दिव्यीकरण की प्रक्रिया पूर्ण हुई।

कार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ-हवन एवं पंचामृत अभिषेक किया गया। दूध, दही, घी, शहद, शक्कर तथा पवित्र नदियों के जल से माँ नर्मदा का अभिषेक हुआ। शंखनाद, घंटाध्वनि और “जय माँ नर्मदा” के जयकारों से उद्गम कुंड परिसर गूंज उठा और वातावरण पूर्णतः भक्तिमय हो गया। माँ नर्मदा की की प्रतिमा 11 फरवरी को शुभ मुहूर्त में स्थापित की गई। अनुष्ठान का सबसे अलौकिक क्षण नेत्रोन्मीलन रहा, जब स्वर्ण शलाका से माँ की प्रतिमा की आंखों का उद्घाटन किया गया और दर्पण दर्शन कराया गया। वैदिक आचार्यों द्वारा प्राण प्रतिष्ठा मंत्रों के उच्चारण के साथ प्रतिमा में दिव्य चेतना का संचार किया गया। षोडशोपचार पूजन, वस्त्राभूषण अर्पण एवं भव्य महाआरती के साथ अनुष्ठान पूर्ण हुआ।

इस आयोजन में मुख्य यजमान के रूप में कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली सपत्नीक उपस्थित रहे उन्होंने विधि-विधान से हवन, पूजन एवं अर्चन कर प्रदेश, राष्ट्र तथा समस्त मानवता के कल्याण की कामना की। कार्यक्रम का संचालन आचार्य पंडित कामता प्रसाद द्विवेदी के नेतृत्व में वैदिक आचार्यों द्वारा सम्पन्न कराया गया। प्राण प्रतिष्ठा के उपरांत परंपरानुसार कन्या पूजन कर मातृशक्ति का सम्मान किया गया। कन्याओं को माँ नर्मदा का स्वरूप मानकर उनके चरण पूजे गए और प्रसाद व उपहार अर्पित किए गए। समापन अवसर पर आयोजित विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आश्रम के स्वयंसेवकों और सेवाभावी कार्यकर्ताओं ने अत्यंत सुव्यवस्थित व्यवस्था के साथ श्रद्धालुओं की सेवा की।

कार्यक्रम में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पुष्पराजगढ़ वसीम अहमद भट्ट, स्वामी नर्मदानंद जी महाराज, स्वामी राघवानंद जी महाराज, जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक उमेश पाण्डेय, सहित अनेक गणमान्य नागरिक, पत्रकारगण, समाजसेवी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।


Discover more from समाज जागरण

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

🛍️ Today’s Best Deals

(Advertisement)