पटना के बेउर जेल में छापेमारी से कैदियों के बीच हड़कम्प

समाज जागरण पटना जिला संवाददाता:- वेद प्रकाश

पटना/ पटना के अत्यंत संवेदनशील और उच्च सुरक्षा वाले बेऊर केंद्रीय कारा में शनिवार की तड़के एक बार फिर प्रशासन ने सघन तलाशी अभियान चलाया। जिसका नेतृत्व सिटी एसपी पूर्वी, सिटी एसपी मध्य और एडीएम ने संयुक्त रूप से किया, और इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था। यह सर्च ऑपरेशन शनिवार की सुबह ठीक 5 बजे शुरू हुआ। उस समय सभी बंदी अपने-अपने वार्ड में बंद थे और जेल परिसर शांत था। जैसे ही पुलिस अधिकारियों और विशेष टीम ने जेल में प्रवेश किया, कैदियों में अचानक हड़कंप मच गया। छापेमारी का उद्देश्य जेल के भीतर छिपाए गए संभावित अवैध सामान, आपराधिक गतिविधियों और संचार उपकरणों का पता लगाना था। जिनके माध्यम से कई बार बाहरी अपराधों को संचालित किए जाने की आशंका रहती है। हाल के दिनों में पटना और आसपास के जिलों में हत्या, लूट, डकैती और हथियारबंद वारदातों सहित कई गंभीर अपराध हुए हैं। पुलिस को संदेह है कि इन घटनाओं के पीछे जेल में बंद कुछ कुख्यात अपराधियों का हाथ हो सकता है। कई मामले ऐसे सामने आए हैं जहाँ जेल के अंदर से मोबाइल फोन के माध्यम से अपराधियों ने योजनाएं बनाई और बाहर बैठे साथियों को निर्देश दिए। इसी संदर्भ में बेऊर जेल पर प्रशासन की नजर लगातार बनी हुई है। छापेमारी के दौरान जेल के सभी वार्डों, बैरकों, बाथरूम, कॉमन एरिया और सुरक्षात्मक गलियारों को भी नहीं छोड़ा गया। जेल के अंदर छिपाकर रखे गए मोबाइल फोन, चार्जर, चाकू, ब्लेड, मादक पदार्थ या अन्य किसी भी प्रकार के प्रतिबंधित सामान की खोज के लिए प्रत्येक कोने को खंगाला गया। अधिकारियों ने बताया कि तलाशी अभियान अभी जारी है, और इसे समाप्त होने के बाद ही स्पष्ट किया जा सकेगा कि जेल से क्या-क्या बरामद हुआ है। सिटी एसपी पूर्वी ने मीडिया को बताया कि छापेमारी खत्म होने के बाद विस्तृत सूची जारी की जाएगी जिसमें बरामद वस्तुओं, पकड़े गए उपकरणों और जेल सुरक्षा से जुड़े निष्कर्षों का उल्लेख होगा। बेऊर जेल पहले भी कई बार विवादों और सुरक्षा चूक के मामलों को लेकर चर्चा में रहा है। इसलिए प्रशासन अब अधिक सख्ती बरत रहा है। जेल के भीतर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी बढ़ाई गई है और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए अधिकारियों ने आगे की रणनीति बनाने की बात कही है। पिछले कुछ महीनों में जेल के भीतर कई बार मोबाइल और अवैध सामान बरामद हुए हैं, जिससे पुलिस को यह संकेत मिला कि अंदर तक आपराधिक नेटवर्क सक्रिय है। इसी वजह से सर्च ऑपरेशन को लगातार जारी रखा जाएगा।

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