दैनिक समाज जागरण अनील कुमार संवाददाता नबीनगर (औरंगाबाद)
नवीनगर (बिहार) नीट का रिजल्ट नहीं आने से हताश होकर घर से निकली नबीनगर की 18 वर्षीय छात्रा रंगोली उर्फ प्राची 20 घंटे बाद शुक्रवार रात बनारस के एक मंदिर से सुरक्षित बरामद कर ली गई। मामला नवीनगर थाना क्षेत्र के शनिचर बाजार निवासी पुन्नू अग्रवाल की पुत्री रंगोली जिंदल उर्फ प्राची का है। गुरुवार रात नीट का रिजल्ट आया। कड़ी मेहनत के बाद भी लिस्ट में नाम नहीं देखकर टूट गई। पेपर देकर आने पर उसने पिता से कहा था “पापा इस बार हो जाएगा”।परिजनों ने उसे समझाया और ढांढस बंधाया, लेकिन वह अंदर से हिल गई थी।
शुक्रवार तड़के करीब 4 बजे रंगोली चुपचाप घर से निकल गई। सुबह मां ने आवाज दी तो कमरा खाली मिला मोबाइल बंद था। परिजनों के होश उड़ गए। तुरंत गांव-देहात, रिश्तेदारों और नवीनगर थाना को सूचना दी गई। सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर आखिरी बार उसे बनारस के काशी स्टेशन पर देखा गया।परिजन बदहवास हालत में बनारस पहुंचे पर वह नहीं मिली। थक हारकर परिजन ने नबीनगर थाना में लिखित सूचना दिया।शुक्रवार रात काशी विश्वनाथ मंदिर के समीप एक मंदिर के पुजारी ने परिजनों को फोन किया।
पुजारी ने बताया कि एक लड़की भूखी-प्यासी मंदिर में बैठी है। नाम पूछने पर उसने अपना नाम रंगोली बताया और घर का नंबर दिया।सूचना मिलते ही परिजन बदहवास बनारस मंदिर पहुंचे। वहां रंगोली एक कोने में सिमटी बैठी मिली।बेटी को देखते ही परिजन उसे गले लगाकर फफक कर रो पड़े।परिजनों ने पुजारी का आभार जताया और कहा बाबा आपने हमारी बेटी की जान बचा ली ।शनिवार सुबह रंगोली को घर लाया गया। परिजनों ने चिकित्सक को दिखाया डॉक्टरों का कहना है कि उसे अभी परिवार के सहारे की जरूरत है। टूटे हुए पिता पुन्नू अग्रवाल ने बस इतना कहा, “बेटा, रिजल्ट से जिंदगी नहीं लिखी जाती। तू हमारे लिए पहले भी अनमोल थी, आज भी है।”बेटी को सुरक्षित पाकर परिजनों ने राहत की सांस ली है।
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