

रिपोर्ट -रितिन पुंडीर
सहारनपुर
आखिर ऐसी क्या जल्दी थी की 10 हजार प्रति वर्ग मीटर की भूमि 25 सौ मीटर में आवंटित कर दी गई?
एक परिवार के ही चार लोगों के नाम किस मानक के आधार पर आवंटित की गई भूमि
नियम के मुताबिक बीच में क्यों नहीं छोड़ी गई रास्ते की भूमि
चारों और 15-15 फिट की दीवार किसके आदेश पर की गई?
जब चार लोगों के नाम भूमि आवंटित की गई तो फिर ऐसे में सरकारी रास्ते कहां गायब कर दिए गए
जिस दिन राज्य के भूमि का आवंटन होना था क्या जनपद के या देवबंद के चार लोगों को ही सूचना दी गई थी?
सूत्रों की मानें तो आवंटन के लिए प्रकाशित विज्ञापन बाहर अखबारों में छपवा आ गया था।
जबकि सहारनपुर के केवल एक दैनिक अखबार में विज्ञापन प्रकाशित कराया गया
कहीं ना कहीं पूरे प्रकरण में बड़ा झोल है और बड़ा घोटाला है जो जल्द ही सामने आएगा