श्रीभूमि जिले के सूनाइपाड़, पेछायाला, बिहाइरडाला गांव के लोग जल जीवन मिशन की सुविधा से वंचित! पीने के पानी नहीं मिलने से परेशान।

विकास के नाम पर तीन वर्षों से पानी की आपूर्ति बंद।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षण।

श्रीभूमि संवाददाता समाज जागरण:
मौजूदा सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ इस नारे के माध्यम से विकास के उद्देश्य से प्रत्येक ग्रामीण क्षेत्र में विकासात्मक कार्यों के लिए गुणवत्ता वाली शिक्षा, पीने का पानी, स्वास्थ्य सेवाओं सहित अन्य परियोजनाओं के लिए करोड़ों रुपये आवंटित कर रही है, ताकि विकासात्मक कामों में सामान्य जनता की समस्याओं का समाधान हो सके। इसी लक्ष्य के साथ विभिन्न गांवों में जलजीवन मिशन के माध्यम से कई करोड़ रुपये जल परियोजनाओं में विभिन्न स्थानों पर जनता की सुविधा के लिए खर्च किए जा रहे हैं। पाथारकांडी पीएचई उप-विभाग के तहत सूनाईपाड़ में पीएचई/जल जीवन मिशन संयंत्र लगाया गया है लेकिन आज तक बंद है सेवा। श्रीभूमि जिले के रामकृष्णनगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कई गाँवों सूनाईपाड़, पेछायाला, बिहाइरडाला में पीने के पानी की आपूर्ति लगातार तीन वर्षों से बंद है। ग्रामीण नागरिकों ने शिकायत की है कि जनता की सुविधा के लिए वर्तमान सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर पेयजल परियोजनाओं का निर्माण किया है, फिर भी ये परियोजनाएं क्षेत्र की शोभा बढ़ाने के अलावा किसी और काम नहीं आ रही हैं। इसके परिणामस्वरूप गाँव के निवासी पेयजल की गंभीर कमी से जूझ रहे हैं। कई को कष्ट उठाते हुए तालाब या ट्यूबवेल के पानी पर जीवन यापन करना पड़ रहा है। जनस्वास्थ्य तकनीकी विभाग की उदारता के बावजूद इस पेयजल परियोजना की यह दुर्दशा है। परिणामस्वरूप, कई गांव के लोगों को कठिनाई सहनी पड़ रही है। इस संबंध में, गाँववासियों ने शीघ्र ही इस परियोजना को चालू करने और सरकार के ‘हर घर नल, हर घर जल’ नारे को वास्तविक रूप देने के लिए लोकप्रिय प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा समेत विभागीय अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया। ताकि जनकल्याण की दृष्टि से लोगों की सुविधा के लिए उचित व्यवस्था अपनाई जाए और जल जीवन मिशन के माध्यम से परियोजना को चालू किया जाए।

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