लोकायुक्त से कार्यवाही का इंतज़ार?
शासकीय सेवा लोकसेवा मानी जाती है। जहां जनकल्याण एवं आमजन के हितार्थ कार्य किया जाता है किंतु उमरिया जिले मे मोहम्मद अज़ीज़ सिद्दीकी जैसे कर्मचारी भी है जिन्होंने शासकीय सेवा को अपनी और अपने परिजनों के कल्याण का साधन बना लिया है। ताज़ा मामला प्रशासन के संज्ञान में लाया गया है जहां ट्राइबल के सेवानिवृत्त कर्मचारी पर शासकीय सेवा के दौरान करोड़ों रुपयों के दम पर बेनामी संपत्ति का अवैध साम्राज्य खड़ा करने का आरोप है? विश्वस्त सूत्रों के हवाले से खबर है कि उक्त कर्मचारी ने उमरिया एवं सीमांत जिलों में ट्राइबल विभाग में अपनी शासकीय सेवा के दौरान करोड़ों रुपयों की अवैध संपत्ति जिसमें ज्वालामुखी कालोनी, कैम्प तथा मस्जिद के पास स्थित 03 दोमंजिला मकान, पत्नी किश्वर जहाँ के नाम राष्ट्रीय राजमार्ग 43 भरौला की 07 एकड़ भूमि, एनएच 43 भरौला में निर्मित व्यावसायिक दुकाने एवं भूखंड, पुराना बसस्टैंड में दुकान, हवाईपट्टी के पास स्थित व्यावसायिक भूखंड, ग्राम महरोई में स्थित प्लाट एवं अन्य संपत्तियां शामिल है? इसके अतिरिक्त 07 एकड़ भूमि शासन को गुमराह करने के उद्देश्य से पत्नी किश्वर जहाँ के नाम से ख़रीदी गयी है। उक्त भूमि का कुछ हिस्सा स्थानीय लोगों के माध्यम से बेचकर करोड़ों रुपयों का मुनाफा कमाया गया है। जिससे खरीद-फरोख्त में पत्नी का नाम न आने पाए एवं लाखों रुपयों के आयकर को भी शासन की नज़र में धूल झोंककर बचा लिया जाय। दूसरे लोगों को इस सौदे में शामिल करके बड़ी चालाकी से जाँच से बच निकलने का प्रयास अज़ीज़ सिद्दीकी द्वारा किया गया?
हाईवे की ज़मीन से लगी शासकीय भूमि भी बेची
अज़ीज़ सिद्दीकी पर आरोप है कि राष्ट्रीय राजमार्ग 43 में स्थित उनकी पत्नी किश्वर जहाँ के नाम से दर्ज 07 एकड़ आराजी से लगी मूल्यवान शासकीय भूमि भी उनके द्वारा विक्रय कर दी गयी है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय राजमार्ग से लगी हुई उक्त शासकीय भूमि अज़ीज़ सिद्दीकी की ज़मीन के सामने स्थित थी। जिसे अपनी ज़मीन की कीमत बढ़ाने के उद्देश्य से बड़ी चालाकी से उनके द्वारा रास्ते के रूप में प्रयोग करने के उद्देश्य से विक्रय कर दी गयी है। जबकिं शासकीय ज़मीन का सीमांकन इत्यादि नही हुआ था।
पुराने बसस्टैंड में खरीदी कीमती दुकान
विश्वस्त सूत्रों ने सूचना दी है कि अज़ीज़ सिद्दीकी ने हाल में पुराने बसस्टैंड स्टेशन रोड में स्थित एक व्यावसायिक परिसर ऊंचे दामों में खरीदा है। इस प्रकार उक्त सेवानिवृत्त कर्मचारी द्वारा भ्रष्टाचार से कमाई गयी दौलत को अन्य सौदों में खपाने का प्रयास किया जा रहा है। लोकायुक्त भोपाल।को की गई शिकायत में उक्त कर्मचारी के भ्रष्टाचार की जांच एवं जल्द कार्यवाही के लिए लिखा गया है। जिस पर जल्द कार्यवाही किये जाने का आश्वासन प्राप्त हुआ है।



