अभय कुमार मिश्रा, दैनिक समाज जागरण, ब्यूरो चीफ,
सरायकेला खरसावां (झारखंड) 17 सितंबर 2025: आदित्यपुर में विश्वकर्मा पूजा की धूम देखने को मिल रही है.
लौहनगरी के लगभग सभी छोटे-बड़े कारखानों , जिम सेंटर और वर्कशॉप्स में शिल्प और निर्माण के देवता भगवान विश्वकर्मा की भक्ति और श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना की जा रही है. पूजा पंडालों और कारखानों में भी सुबह से ही श्रद्धालुओं और मजदूरों का तांता लगा हुआ है. वही रॉयल जीम आदित्यपुर के युवा और युवती के उत्साह और आस्था में काफी उत्साह देखने को मिला. मजदूरों और कारखाना मालिकों ने भी अपने-अपने सामर्थ्य के अनुसार भक्ति भाव से पूजा का आयोजन किया. हर साल की तरह इस बार भी रॉयल जीम के मशीनों की साफ-सफाई, सजावट और विशेष पूजन का कार्यक्रम हुआ.
जिम के संचालक विद्युत सरकार का मानना है कि विश्वकर्मा पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि एक दूसरे के बीच एकजुटता और परंपरा को भी दर्शाता है. उन्होंने कहा कि उद्योग जगत के लोग भी विश्वकर्मा पूजा को अपनी कार्य संस्कृति का अहम हिस्सा मानते हैं. यह पूजा मशीनों की सुरक्षा, कार्य में उन्नति और मजदूरों की खुशहाली के लिए की जाती है. मजदूर इसे अपने परिश्रम और कौशल का पर्व मानते हैं. यही वजह है कि औद्योगिक क्षेत्र में हर साल इस दिन का बेसब्री से इंतजार रहता है.

रॉयल जीम में विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर उत्साह का माहौल है. पूरे जिम में रंग-बिरंगे फूलों और सजावट से भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित की गई. सुबह से ही जिम में मंत्रोच्चार और हवन की गूंज सुनाई दी.वही युवाओं और युवतियों ने भी मशीनों की पूजा की और अपने साथियों के साथ प्रसाद ग्रहण किया. स्थानीय स्तर पर इसे एक सामूहिक पर्व की तरह देखा जाता है, जहां श्रमिक वर्ग अपनी मेहनत और साधनों के साथ भगवान से समृद्धि और सुरक्षा की प्रार्थना करता है. क्षेत्र के लोगों का कहना है कि औद्योगिक मंदी के बावजूद पूजा का यह उत्साह यह दर्शाता है कि आस्था और परंपरा किसी भी परिस्थिति में कमजोर नहीं होती. रॉयल जिम आदित्यपुर में मुख्य रूप से पी पदमा,विजय पाढ़ी,विद्युत सरकार, विशाल बागची, छोटू, स्वीटी, अभिषेक, विक्की, प्रिया सिंह,सुप्रिया, प्रणवी, जितेंद्र, इत्यादि लोग का अहम भूमिका रही।



