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हरियाणा में 100 करोड़ की साइबर ठगी का पर्दाफाश


दिल्ली से अंडमान तक फैला था जाल, सोशल मीडिया पर ऑफर्स से फंसाते; 28 हजार केस ट्रेस हुए–5 हजार पुलिस की 102 टीमों ने नूह के 14 गांवों में एक साथ छापामारी की थी-

दैनिक समाज जागरण – राज्यों के प्रभारी सम्पादक

के आर अरुण

नई दिल्ली / चंडीगढ़ /गुरुग्राम -/- अलर्ट न्यूज़ सर्विस –
साइबर क्राइम का पर्दाफास करने वाली हरियाणा पुलिस ने करीब सौ करोड़ की साइबर ठगी का बड़ा खुलासा कर दिखाया है। लम्बी पड़ताल के बाद हरियाणा पुलिस ने नूंह में साइबर जालसाजों के ठिकानों पर एक साथ की छापेमारी के बाद करीब 28 हजार केस ट्रेस किए हैं। हरियाणा में इस तरह का हैरत अंगेज पर्दाफाश करने वाली पुलिस के मुताबिक जालसाल सोशल मीडिया के जरिए लोगों को ऑफर्स देते थे ।
–साइबर अपराधियों, जो 18-35 वर्ष की आयु वर्ग में हैं, ने खुलासा किया है कि वे आम तौर पर 3-4 व्यक्तियों के समूह में काम करते थे-
अजब खेल था इन शातिरों का जिसमे वे फर्जी सिम, आधार कार्ड से लोगों को अपने जाल में फंसा लेते। ठगी के पैसों को वे फर्जी फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर करते थे ताकि पुलिस उन तक किसी भी तरह से न पहुंच सके।

  • दिल्ली और यूपी से लेकर अंडमान निकोबार तक लोगों को निशाना बनाया-
    इस नेटवर्क ठगी गिरोह ने हरियाणा से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और यूपी से लेकर अंडमान निकोबार तक अनगिनत लोगों को निशाना बनाया है। पुलिस की लम्बी पड़ताल में सफलता जो हाथ लगी है उसके बारे में नूह SP वरुण सिंगला ने बताते हैंकि बीती 27-28 अप्रैल की रात को 5 हजार पुलिसकर्मियों की 102 टीमों ने नूह के 14 गांवों में एक साथ छापामारी की थी। पुलिस सूत्र अनुसार खंगाले गए नेटवर्क के करीब जाने के लिए इस दौरान करीब 125 संदिग्ध हैकर्स को हिरासत में लिया गया था। इनमें से 66 आरोपियों की हर तरह से खंगालने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया।
    इन सभी संदिग्ध आरोपियों को अदालत में पेश कर 7 से 11 दिन की रिमांड पर लिया गया।
    DGP हरियाणा प्रशांत कुमार अग्रवाल ने इन साइबर अपराधियों से पूछताछ के लिए पूरे हरियाणा से 40 साइबर विशेषज्ञों की एक टीम तैयार की है । छापे के दौरान जब्त किए गए मोबाइल और सिम कार्ड की भी तकनीकी रूप से जांच की गई और TSP, ISP, बैंक, NPCI, UPI इंटरमीडियरीज, UIDAI, DOT, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक, वॉट्सऐप, OLX आदि से संबंधित जानकारी भी मांगी गई।
    शातिर ठग लोगों को इन्हीं प्लेटफार्म पर आकर्षक ऑफर देकर अपने जाल में फंसाते थे। इनके नेटवर्क की पड़ताल में काफी कुछ नया चौंकाने वाला खेल का तरीका भी सामने आया है।
    शातिर खिलाडी ठगों का नेटवर्क तोड़ने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र की भी मदद ली गई। जिसके बाद बरामद मोबाइल, सिम की जांच के दौरान यह बात सामने आई कि साइबर ठगों ने अब तक देश भर के 35 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से करीब 28 हजार लोगों से 100 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी को अंजाम दिया है। इन साइबर जालसाजों के खिलाफ देशभर में पहले से ही 1346 FIR दर्ज हैं।

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