15 अप्रैल तक नए मुख्यमंत्री पर फैसला संभव
समाज जागरण पटना जिला संवाददाता:- वेद प्रकाश
पटना/ बिहार की राजनीति एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा निर्वाचित होने के बाद राज्य में सत्ता परिवर्तन की अटकलें तेज हो गई हैं। नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए “एक महीना पांच दिन” के संकेत को राजनीतिक जानकार 10 अप्रैल की समयसीमा से जोड़कर देख रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार 13 अप्रैल को दिल्ली में राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ले सकते हैं। इसके पश्चात 14 या 15 अप्रैल को वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। नियमों के मुताबिक, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत उन्हें 14 दिनों के भीतर विधान परिषद की सदस्यता छोड़नी होगी।
इस्तीफे के साथ ही एनडीए विधायक दल की बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लग सकती है। सबसे आगे राज्य में पहली बार भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री बनने की प्रबल संभावना है। रेस में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे चल रहा है। इसके अतिरिक्त नित्यानंद राय, संजीव चौरसिया और मंगल पांडेय के नामों की भी चर्चा है। कयास यह भी हैं कि भाजपा किसी अति पिछड़ा वर्ग (EBC) के चेहरे को लाकर चौंका सकती है। नीतीश कुमार वर्तमान में अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों में व्यस्त हैं, जिनमें नालंदा और मोतिहारी के महत्वपूर्ण आयोजन शामिल हैं। चर्चा है कि इस्तीफे से पूर्व विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर उनके कार्यकाल के प्रति आभार व्यक्त किया जा सकता है। फिलहाल, पूरे प्रदेश की नजरें दिल्ली और पटना के बीच होने वाली अगली राजनीतिक हलचल पर टिकी हैं।
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