मुंबई ( गिरजा शंकर अग्रवाल) – शेफाली जरीवाला सिर्फ ‘कांटा लगा गर्ल’ नहीं थीं। वह एक ऐसी महिला थीं। जिन्होंने अपनी शर्तों पर ज़िंदगी जी, इस पोस्ट में उनकी ज़िंदगी के तीन सबसे अहम रिश्ते दिखाई देते हैं। हरमीत सिंह, पराग त्यागी और माँ सुनीता जरीवाला , पहले पति से अलग होकर उन्होंने खुद को फिर से खड़ा किया। पराग त्यागी के साथ उनका रिश्ता न केवल प्यार भरा था। बल्कि एक सशक्त साथी की तरह था। माँ सुनीता का प्यार और साथ उनके जीवन का सबसे मजबूत स्तंभ रहा।
27 जून 2025, को 42 साल की उम्र में जब उन्होंने अंतिम सांस ली। तब भी उनके चेहरे पर वही आत्मविश्वास था। जो हमें उनकी आंखों में पहली बार दिखा था। उन्होंने साबित किया कि सच्ची खूबसूरती सिर्फ चेहरे पर नहीं, जज़्बे में होती है। शेफाली, आप एक युग थीं, हैं और रहेंगी।

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