श्रीभूमि जिले में मोकामछड़ा–रुपाग्राम क्षेत्र में बढ़ी बालू तस्करी, वन विभाग की चुप्पी पर उठा सवालश्रीभूमि संवाददाता

श्रीभूमि जिले के दोहालिया और चेरागी रेंज अंतर्गत मोकामछड़ा–रुपाग्राम क्षेत्र में अवैध बालू उत्खनन और तस्करी लगातार बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सिंगला नदी से रोज़ाना मजदूरों की मदद से बड़े पैमाने पर बालू निकाला जा रहा है और बेखौफ तस्करों द्वारा इसे बाजार तक पहुंचाया जा रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रहे उत्खनन से नदी का किनारा टूट रहा है, जिसके कारण आसपास रहने वाले परिवारों के घरों को खतरा पैदा हो गया है। कई लोग अपने मकानों के डूब या ढह जाने की आशंका के चलते दहशत में हैं।

स्थानीय नागरिकों ने अवैध खनन रोकने के लिए कई बार बालू तस्करों को सावधान किया, लेकिन किसी ने उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया। नागरिकों का कहना है कि बालू माफियाओं की गतिविधियाँ न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रही हैं, बल्कि नई पीढ़ी के भविष्य को भी अंधकार की ओर धकेल रही हैं।

इस पूरे मामले में दोहालिया और चेरागी रेंज के वन विभाग कर्मचारियों की चुप्पी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग की निष्क्रियता के चलते सरकार को करोड़ों रुपये का राजस्व नुकसान हो रहा है।

सूत्रों के अनुसार, दोहालिया रेंज के अन्य कई क्षेत्रों में भी इसी तरह अवैध रूप से बालू उत्खनन जारी है। जागरूक नागरिकों ने वन विभाग के कर्मचारियों पर अपने कर्तव्यों का समुचित पालन न करने का आरोप लगाया है और उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है।

जिला स्तर पर वरिष्ठ अधिकारी अब विभाग से कड़ी कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं, वहीं नागरिक भी अवैध बालू तस्करी पर रोक लगाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने का इंतजार कर रहे हैं।

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