समाज जागरण अनिल कुमार
हरहुआ वाराणसी। संस्कृत एक वैज्ञानिक भाषा है यह भारत की आत्मा है। वेद -वेदांग,पुराण काव्य बाल्मीकि रामायण,महाभारत व अन्य शास्त्र संस्कृत भाषा मे ही है। संस्कृत न केवल एक भाषा है अपितु समग्र संस्कृति है।
उक्त बातें मंगलवार को सरस्वती संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गुरवट, विकास खण्ड हरहुआ, वाराणसी के तत्वावधान में संस्कृत सप्ताह समापन के अवसर पर यू0पी0 कालेज के पूर्व महामंत्री व पूर्व प्रधान गुरवट अशोक कुमार सिंह ने अपने सम्बोधन में व्यक्त की।
इस अवसर पर विद्यालय के गुरुजनों एवं छात्रों ने कुटिया पर आकर अंगवस्त्र व माल्यार्पण कर सम्मान प्रदान किया इसके लिए सदैव ऋणी रहूंगा।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य सुनील कुमार दीक्षित , सतीश तिवारी , ओंकारनाथ मिश्रा , हरगोविंद भार्गव ,डा0 विजयशंकर मिश्रा , कन्हैया पटेल, रामानंद प्रजापति सहित बटुक व ग्रामीण उपस्थित रहे। पधारे सभी शिक्षकों ,अतिथियों ,बटुकों का स्वागत किया गया। संस्कृत भाषा में एक स्वर वेद मंत्रोच्चार कर अपनी प्रतिभा व कार्यविधि ,शैली की प्रस्तुति की जिससे आस पास का क्षेत्र कुछ पल के लिए संस्कृत मय हो उठा। बाल बटुकों के अंदर छिपी संस्कृत भाषा ,वेदमन्त्र सुनकर लोग आत्मविभोर हो गए। संकल्प लिया कि देवभाषा को आम आदमी की बोलचाल सीखने, बोलने के प्रति जन जागृति का कार्य जीवन पर्यन्त करते रहेंगे।
कार्यक्रम का समापन बेदमंत्रोच्चार के साथ सम्पन्न हुआ।



