पंकज कुमार पाठक,दैनिक समाज जागरण
पदमा प्रखंड के सरैया चट्टी स्थित प्रसिद्ध महादेव मठ के समीप मौजूद आम का बगीचा इन दिनों गंभीर खतरे का सामना कर रहा है। गैर-जिम्मेदार तत्वों द्वारा किए जा रहे अत्यधिक बालू एवं मिट्टी उठाव के कारण बगीचे में लगे कई पुराने आम के पेड़ों की जड़ों के आसपास की मिट्टी पूरी तरह हट चुकी है, जिससे उनके कभी भी गिरने की आशंका बनी हुई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह बगीचा न केवल पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसके समीप छठ घाट और श्मशान घाट भी स्थित हैं, जिससे इसकी सामाजिक और धार्मिक उपयोगिता और बढ़ जाती है। ऐसे में पेड़ों का नष्ट होना आमजन की आस्था और पर्यावरण—दोनों के लिए गंभीर नुकसान साबित हो सकता है।
चिंताजनक बात यह है कि इस गंभीर समस्या के बावजूद अब तक स्थानीय प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है। यदि समय रहते अवैध उत्खनन पर रोक नहीं लगाई गई और बगीचे का संरक्षण नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में कई पेड़ धराशायी हो सकते हैं।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध बालू-मिट्टी उठाव पर तत्काल कार्रवाई की जाए और आम बगीचे को संरक्षित घोषित कर इसके संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएँ, ताकि यह प्राकृतिक धरोहर आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रह सके।

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