नई दिल्ली। सवर्ण आर्मी के संस्थापक सर्वेश पांडेय ने एससी-एसटी एक्ट को लेकर सोशल मीडिया पर एक टिप्पणी करते हुए फर्जी मुकदमों के कथित मामलों का मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि वोट बैंक की राजनीति के कारण सवर्ण समाज को मानसिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित करने वाले कानूनों का समर्थन करने वाले नेताओं को भी यह समझना चाहिए कि कथित फर्जी मामलों का असर समाज के बड़े वर्ग पर पड़ रहा है।

सर्वेश पांडेय ने उतराखंड मे राहुल गांधी पर हुए एससी एसटी एक्ट मे एफआईआऱ के बाद अपनी पोस्ट में दावा किया कि एससी-एसटी एक्ट के कथित दुरुपयोग का सामना बड़ी संख्या में सवर्ण और ओबीसी वर्ग के लोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच और दोष सिद्ध होने की स्थिति में ही कार्रवाई की व्यवस्था पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
उनकी टिप्पणी ऐसे समय सामने आई है जब एससी-एसटी एक्ट के प्रावधानों, इसके इस्तेमाल और कथित दुरुपयोग को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से समय-समय पर बहस होती रही है। दूसरी ओर, इस कानून का उद्देश्य अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों को जातिगत अत्याचार और भेदभाव से कानूनी सुरक्षा प्रदान करना है।
सर्वेश पांडेय लंबे समय से सवर्ण समाज से जुड़े मुद्दों, आरक्षण और एससी-एसटी एक्ट को लेकर अपनी राय सोशल मीडिया के माध्यम से रखते रहे हैं। उनकी ताजा टिप्पणी ने एक बार फिर कानून के प्रावधानों और उसके कथित दुरुपयोग को लेकर बहस को चर्चा में ला दिया है।
हालांकि, किसी विशेष मामले में मुकदमा फर्जी है या वास्तविक, इसका निर्धारण संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही किया जा सकता है।
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