वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो किशनगंज।
बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग ने नगर निकायों में योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर बड़ा फैसला लिया है। विभाग ने ₹15 लाख तक की लागत वाली योजनाओं को विभागीय स्तर पर कराए जाने संबंधी पूर्व आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। अब सभी योजनाओं का कार्यान्वयन अनिवार्य रूप से ई-निविदा (E-Tender) के माध्यम से ही किया जाएगा।
इस संबंध में विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार द्वारा जारी पत्र में सभी नगर निगमों के नगर आयुक्तों तथा नगर परिषद एवं नगर पंचायतों के कार्यपालक पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी योजना का क्रियान्वयन बिना निविदा प्रक्रिया के न किया जाए।
विभाग द्वारा पूर्व में जारी ज्ञापांक 4322 दिनांक 24 अगस्त 2023 के तहत ₹15 लाख से कम लागत की योजनाओं को विभागीय रूप से कराने की अनुमति दी गई थी। नए आदेश के तहत उक्त व्यवस्था को समाप्त करते हुए स्पष्ट किया गया है कि पारदर्शिता एवं प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए सभी योजनाएं ई-टेंडरिंग प्रक्रिया से ही कराई जाएंगी।
आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि 2 फरवरी 2026 तक किसी योजना का कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है, तो उसे विभागीय स्तर पर शुरू नहीं किया जाएगा और न ही उसके लिए कोई कार्यादेश जारी किया जाएगा।
यह आदेश पटना से जारी किया गया है तथा इसकी प्रतिलिपि सभी जिला पदाधिकारियों एवं अभियंता प्रमुख, आवास विभाग को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
सरकार के इस निर्णय को नगर निकायों में पारदर्शिता बढ़ाने और निविदा प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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