दैनिक समाज जागरण
ब्यूरो शमीम सिद्दीकी
जनपद बिजनौर
बिजनौर। विकसित कृषि संकल्प अभियान-2025 के अन्तर्गत विकास खण्डा स्योहारा के 03 ग्राम- बगबाड़ा, गैडाजूड़ व भगवानपुर रैनी विकास खण्ड- जलीलपुर के 06 ग्राम- भवानीपुर, राजपुर परसू, मुढ़ाल, खानपुर खादर, गन्धौर व मानपुर में जिलाधिकारी महोदया बिजनौर द्वारा गठित तीनों टीमों (के0वी0के0 नगीना के वैज्ञानिक, आई0सी0ए0आर0 दिल्ली के वैज्ञानिक एवं कृषि विभाग के तकनीकी कर्मचारी) द्वारा गोष्ठियों का आयोजन किया गया। ‘‘विकसित कृषि संकल्प अभियान-2025’’ के अन्तर्गत आयोजित गोष्ठियों में टीम-1 द्वारा विकास खण्ड स्योहारा के ग्राम बगबाड़ा, गैडाजूड़ एवं भगवानपुर रैनी में डा0 शिवांगी, डा0 के0के0सिंह , डा0 सुरेश कुमार, कृषि वैज्ञानिक (आईसी0ए0आर0), टीम-2 द्वारा विकास खण्ड जलीलपुर के ग्राम भवानीपुर, राजपुर परसू एवं मुढाल में डा0 शकुन्तला गुप्ता प्रभारी के0वी0के0 नगीना , डा0 पिन्टू कुमार कृषि वैज्ञानिक एवं डा0 एस0 के0 वर्मा कृषि वैज्ञानिक (आई0सी0ए0आर0) टीम-3 द्वारा विकास खण्ड जलीलपुर के ग्राम खानपुर खादर, गन्धौर व मानपुर में गिरीश चन्द्र उप कृषि निदेशक बिजनौर, डा0प्रतिमा गुप्ता, डा0 भूपेन्द्र कुमार, कृषि वैज्ञानिक एवं डा0 सुमित महाजन, कृषि वैज्ञानिक (आई0सी0ए0आर0) एवं कृषि विभाग के तकनीकी कर्मचारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। गिरीश चन्द्र उप कृषि निदेशक बिजनौर द्वारा ग्राम गन्धौर में आयोजित गोष्ठी में कृषि विभाग में चल रही समस्त योजनाओं एवं एफ0पी0ओ0 के विषय में जानकारी दी गयी। साथ ही प्राकृतिक खेती, पी0एम0 किसान सम्मान निधि योजना के विषय में बताया गया, एवं सोलर पम्प, यन्त्रीकरण, फार्मर रजिस्ट्री तथा फसल बीमा के विषय में भी जानकारी दी गयी। डा0 प्रतिमा गुप्ता कृषि वैज्ञानिक द्वारा किसानों को बागवानी एवं खरीफ सीजन में लगने वाली सब्जियों एवं उनमें लगने वाले रोगों तथा रोगों के निदान के विषय में विस्तृत जानकारी दी गयी। डा0 भूपेन्द्र कुमार, कृषि वैज्ञानिक द्वारा किसानों को मृदा के स्वास्थ्य कैसे बढ़ाया जा सकता है के सम्बन्ध में विस्तृत रूप से जानकारी दी गयी। डा0 सुमित महाजन कृषि वैज्ञानिक (आई0सी0ए0आर0) द्वारा गोष्ठी में उपस्थित कृषकों को पशुपालन के विषय में नवीनतम जानकारी उपलब्ध करायी गयी।
डा0 के0 के0 सिंह कृषि वैज्ञानिक द्वारा गोष्ठी में उपस्थित किसानों के बीच उन्नत उत्पादन प्रौद्योगिकियों जैसे बीज उपचार, जैव उर्वरकों का प्रयोग, उन्नत बुवाई पद्वतियों, आई0एन0एम0, आई0पी0एम0, संसाधन संरक्षण प्रौद्योगिकियों, उन्नत सिंचाई पद्धतियों की जानकारी दी गयी। साथ ही प्राकृतिक खेती एवं बीजामृत, घनजीवामृत, आदि के विषय में विस्तृत रूप से जानकारी दी गयी। डा0 शिवांगी द्वारा गोष्ठी में उपस्थित कृषकों को मृदा की जांच क्यो आवश्यक है? तथा मृदा की जांच के परिणामों के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने की सलाह दी गयी। डा0 सुरेश कुमार, कृषि वैज्ञानिक (आई0सी0ए0आर0) द्वारा कृषकों को पशुपालन के विषय में विस्तृत जानकारी दी गयी। डा0 शकुन्तला गुप्ता, प्रभारी के0वी0के0 नगीना द्वारा गोष्ठी में उपस्थित कृषकों को खरीफ सीजन में लगायी जाने वाली सब्जियों एवं मशरूम की खेती के बारे में जानकारी दी गयी। डा0 एस0के0वर्मा, कृषि वैज्ञानिक (आई0सी0ए0आर0) द्वारा पशुपालन, पोषण व स्वच्छता के बारे में जानकारी दी गयी। डा0 पिन्टू कुमार, कृषि वैज्ञानिक द्वारा किसान भाईयों को धान की डी0एस0आर0 पद्वति के विषय में विस्तृत रूप से जानकारी दी गयी। साथ ही खरीफ सीजन में अन्य बोई जाने वाली फसलों के विषय में विस्तृत रूप से जानकारी दी गयी।
Discover more from समाज जागरण
Subscribe to get the latest posts sent to your email.



