दैनिक समाज जागरण
मुस्कान खान
जनपद बिजनौर
जोगीरमपुरी/नजीबाबाद
इमाम हुसैम क़े सोयम (तीजे) की रात मैं एकअज़ीमुशशान शब्बेदारी का आयोजन किया गया। इमाम बारगाह हैदरी मैं एक मजलिस हुई जिसकी मरसिया ख्वानि हाजी जावेद हुसैन, क़ुदरत हुसैन, जमाल अहमद ने की तथा संचालन मशहूर शायर क़सीम हैदर क़सीम ने किया। मजलिस को ख़िताब करते हुये मौलाना जाफर रिज़वी छोलस ने कहा की करबला मैं इमाम हुसैन की दस मोहर्रम को शहादत के बाद उनके परिवार पर यज़ीदी फौज द्वारा ढहाये गये ज़ुल्मों पर विस्तार से बयान किया जिसे सुनकर अज़ादार ज़ार ज़ार रोये।
शब्बेदारी मैं अंजुमन बक़ाये हुसैनियत कोतवाली सादात, अंजुमन हैदरी करोंदा, अंजुमन सिपाहे अब्बासिया। इसके अलावा हिंदुस्तान के मशहूर नोहा ख्वान आबिस रज़ा सुल्तानपुरी ने भी नोहा ख्वानि की जिनके नोहे सुन कर अज़ादार ज़ार ज़ार रोते रहे। शब्बेदारी मैं मेज़बान अंजुमन ज़ीनते अज़ा औऱ शमशीरे हैदरी ने भी नोहा ख्वानि की। जोजीरमपुरी की अंजुमन अज़ाये हुसैनी, अंजुमन नजफ ए हैदरी ने भी अपने मक़सूस अंदाज़ मैं नोहा ख्वानि की। शब्बेदारी का कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा, अंत मैं प्रोग्राम के संयोजक हैदर इमाम ने सभी अंजुमनो औऱ नोहा ख्वानो, मातमदारों औऱ अज़ादारों का शुक्रिया अदा किया। प्रोग्राम को सफल कराने के लिये रियाज़ हैदर, शबी हैदर, नजफ अली, हुसैन अब्बास, सुहैल, कुमेल, सादिक़, कामरान, मोमिन, गाज़ी, मुज़फ्फर बख्तियार काज़मी आदि का विशेष योगदान रहा।
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