दैनिक समाज जागरण
ब्यूरो शमीम सिद्दीकी
जनपद बिजनौर
नजीबाबाद।
गीत ग़ज़ल संगम एकेडमी नजीबाबाद ने उस्ताद शायर सोज नजीबाबादी को अदबी ख़िदमात के लिए शाल ओढ़ाकर और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।शायरों ने सोज नजीबाबादी को अदब का सच्चा सिपाही बताया।
मोहल्ला मेंहदी बाग में आयोजित यहफिल को खिताब करते हुए मुख्य अतिथि समाज सेवी तस्नीम सिद्दीकी ने कहा कि नजीबाबाद की धरती ने अदब के वोह नायब हीरे दिए हैं जिनकी कदर करना हमारी जिम्मेदारी है।उन्हों ने कहा कि सोज नजीबाबादी भी उर्दू अदब के नायब हीरो में से एक है।उन्हीं ने अपने शायरी से उर्दू अदब को रौनक बख्शी हैं।
एकेडमी के सदर डॉक्टर आफताब नोमानी ने सोज नजीबाबादी की अदबी ख़िदमात पर रोशनी डालते हुए कहा कि सोज नजीबाबादी का शुमार उस्ताद शायरों में होता है न जाने कितने लोगों को क़लम पकड़ना सिखाया है।हमेशा वोह उर्दू के लिए फिक्रमंद रहे हैं।उर्दू का दर्द उनके दिल में कूट कूट कर भरा है।उन्हों ने कहा कि सोज नजीबाबादी ने अपनी क्लासिकल शायरी से लोगों के दिलों को जीत है।उन्हों ने अपनी आवाज का जादू भी जगाया हैं।इतना ही नहीं सोज नजीबाबादी आवाज के जादूगर भी है। सोज नजीबाबादी अपने कारोबारी सिलसिले में आज कल हैदराबाद रह रहे हैं।नजीबाबाद आने पर शायरों ने उनका इस्तकबाल किया।आज कल वोह बीमार चल रहे हैं हम उनकी सेहत के लिए दुआ करते हैं।
वाहिद जमाल ने भी इज नजीबाबाद की अदबी ख़िदमात पर बोलते हुए उन्हें एक मजबूत मेयारी शायर बताया। सोज नजीबाबादी जब अपना कलाम पढ़ते तो लोगों के दिल में उतर जाते थे।सोज नजीबाबादी ने सभी शायरों को शुक्रिया अदा किया।
सुहैल शाहब के संचालन में आयोजित महफिल में डॉक्टर इलियास अंसारी,मौलाना अकरम कासमी,डॉक्टर नसीम अख्तर,वाहिद जमाल,डॉक्टर आफताब नोमानी,कारी शाकिर रिज़वी, हाफिज शदाब,शहबाज अख्तर,आसिफ मिर्ज़ा,कमर अख्तर,अब्दुल हई सबा,कुमार मोनू रुबा,आदि मौजूद रहे।इस मौके पर डॉक्टर मजहर आलम,अब्दुल अजीज,एम डी खान,अबरार सलमानी,इरफान अहमद आदि भी मौजूद रहे।
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