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शारदीय दुर्गा उत्सव पर 120 गरीब महिलाओं के बीच वस्त्र वितरण, सेवाश्रम संघ व हिंदू मिलन मंदिर का संयुक्त आयोजन

श्रीभूमि संवाददाता, मोकमछड़ा (राम कॉलोनी): रामकृष्णनगर विधानसभा के दुल्लभछड़ा के समीप स्थित मोकमछड़ा (राम कॉलोनी) दुर्गा मंदिर परिसर में शारदीय दुर्गा उत्सव के पावन अवसर पर एक विशेष सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन श्रीभूमि हिंदू मिलन मंदिर संचालन समिति और भारत सेवाश्रम संघ के संयुक्त प्रयास से दिनांक 14 सितंबर (रविवार) को सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।



मानवता की सेवा ही धर्म – भारत सेवाश्रम संघ का संदेश
कार्यक्रम की शुरुआत भारत सेवाश्रम संघ के संस्थापक शिवावतार आचार्य श्रीमत स्वामी प्रणबानंद महाराज की प्रतिकृति पर माल्यार्पण, दीप प्रज्वलन और पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस पवित्र अवसर पर देशभक्त, साधक और मानव सेवा के प्रेरणास्रोत स्वामीजी के आदर्शों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।



इस अवसर पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए सेवाश्रम के कर्मवीर कार्यकर्ता देवब्रत घोष ने कहा:

“भारत सेवाश्रम एक धार्मिक, शैक्षिक और मानवहितैषी संगठन है, जो मानव सेवा, राष्ट्र प्रेम और आध्यात्मिक चेतना के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के लिए कार्यरत है।”

वस्त्र वितरण से छाया मानवता का सजीव चित्र
सेवा कार्य के तहत रुपाग्राम, कोनाग्राम, मोकमछड़ा (राम कॉलोनी), श्रीकृष्णपुर और दामछड़ा त्रिपुरापूंजी गाँवों से आईं 120 निर्धन महिलाओं के बीच वस्त्र वितरित किए गए। यह दृश्य न केवल मानवता का सजीव उदाहरण बना, बल्कि दुर्गा पूजा के इस पावन पर्व पर समाज में सहयोग और सेवा के भाव को भी उजागर किया।

समाजसेवियों और शिक्षकों की सराहनीय भूमिका
इस कार्यक्रम में विशेष योगदान रहा एन सी बर्दोईय एम स्कूल के पूर्व प्रधान शिक्षक तथा सांस्कृतिक प्रेमी विश्वजीत दास का, जिनके आह्वान पर यह सभा आयोजित हुई। उनका उद्देश्य था कि दुर्गा पूजा जैसे पवित्र अवसर पर धार्मिक उत्सव को सेवा उत्सव में परिवर्तित किया जाए।



उपस्थित प्रमुख व्यक्ति
कार्यक्रम में श्रीभूमि हिंदू मिलन मंदिर और भारत सेवाश्रम संघ के कई प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित थे, जिनमें प्रमुख नाम हैं:
प्रदीप कुमार पाल, दीपक धर, तापस दत्त, मृन्मय दास, वरुण राय, राजेंद्र देवनाथ, जवााहर नाथ, नीलोत्पल नाथ, राजीव पाल और शशबिंदु दे।
इन सभी ने मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।

📌 निष्कर्ष:
दुर्गा पूजा जैसे धार्मिक अवसर पर जब सेवा और संवेदना का संदेश समाज में फैलता है, तब वह पर्व सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि एक मानवता का महायज्ञ बन जाता है। भारत सेवाश्रम संघ और श्रीभूमि हिंदू मिलन मंदिर का यह प्रयास निश्चित ही समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है।


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