समाज जागरण रंजीत तिवारी
रामेश्वर वाराणसी। रामेश्वर क्षेत्र में भैया दूज का पर्व स्नेह व खुशहाली संग मनाया गया। मन्दिरों संग परम्परागत स्थल पर गाँव की महिलाएं,लड़कियां थाल सजाकर अन्न,मिष्ठान, तरह -तरह के वनस्पतियों के पत्तियां,फूल,फल सहित इकठ्ठा हुई जहाँ पर भाई के नाम पर दीप जलाकर रुई को हल्दी संग दीर्घायु की कामना से गाँठ बनाई और कथा का श्रवण किया।
रामेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी आचार्य प0 अनू तिवारी ज्योतिषाचार्य प0 शीतला तिवारी के अनुसार कार्तिक शुक्ल द्वितीया को मनाए जाने वाला भाई दूज का त्योहार भाई -बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक है। मान्यता है कि इस दिन यमुना ने अपने भाई यम को आदर सत्कार के साथ भोजन कराया था। यमराज के वरदान अनुसार जो व्यक्ति इस दिन यमुना में स्नान करके यम का पूजन करेगा, मृत्यु के पश्चात उसे यमलोक में ही जाना पड़ेगा।यह दीपावली के दो दिन बाद आने वाला पर्व है। साथ ही गोवर्धन व अन्नकूट पूजा भी आज के ही दिन है। गोवर्धन पूजा करने के पीछे धार्मिक मान्यताएं हैं। इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने इंद्र का मानमर्दन कर गिरिराज की पूजा की थी। इस दिन रामेश्वर राधा-कृष्ण मंदिर सहित अन्य मन्दिरों में अन्नकूट का पर्व मनाया और भंडारे में छककर लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
रामेश्वर,बरेमा, खेवली, पेडूका,जगापट्टी ,परसीपुर, हिरमपुर सहित कई गांवों में भैया दूज का पर्व बहनों ने हर्षोल्लास संग मनाया।



