समाज जागरण अनिल कुमार
हरहुआ वाराणसी। मानव सभ्यता के विकास क्रम में नदियों ,वनस्पतियों ,जलीय जीवजंतुओं सहित प्राकृतिक आयाम का अटूट सम्बन्ध रहा है। आध्यात्मिक नगरी वाराणसी में वरुणा व अस्सी नदियों का पौराणिक व ऐतिहासिक महत्व है। इन दो नदियों के किनारों ने धार्मिक ,सांस्कृतिक ,आध्यात्मिक चिंतन को लोगो कद जीवन को जोड़ रखा था। लोगों की निर्भरता इसके जल पर आश्रित रही। यहाँ संस्कृतियों का विकास होता रहा लोकजीवन इसके समीप जीवंत रहता था। बढ़ते भौतिक वाद ने इसकी जीवंतता को प्रभावित किया।जहां इसका विस्तार सिमटता गया तो वहीं गन्दगी की शिकार हो गई। अब अस्तित्व खतरे में पड़ गई है। आज वरुणा नदी को जीवन प्रदान करने की जरूरत है जिसके लिए हर क्षेत्र से जुड़े लोगों का सहयोग अपेक्षित है।
वरुणा से हमारा सांस्कृतिक जुड़ाव सम्मान कार्यक्रम में रामेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी आचार्य प0 अनूप तिवारी,पूर्व प्रधान व वर्तमान प्रतिनिधि डॉ0 रामप्रसाद, यशस्वी प्रधान रसूलपुर कैलाश यादव व प्रधान संघ महामंत्री मधुबन यादव का सम्मान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बीएचयू डॉ0 शिशिर गौर ,डॉ0 मनहर चरन,डॉ0 राजेश कुमार,डॉ0 शशिशेखर मण्डल,डॉ0 प्रमोद सोनी व प्रोजेक्ट मैनेजर आशीष कुमार सिंह ने अंगवस्त्र ,स्मृति चिन्ह सहित प्रमाण पत्र से सम्मानित किया।
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