उम्मीद टूटने पर सहारा बन रहा एसएनसीयू, निजी अस्पतालों से आए नवजात भी हो रहे स्वस्थ

वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो किशनगंज।
सदर अस्पताल स्थित एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट) नवजात शिशुओं के इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यहां गंभीर रूप से बीमार नवजातों के साथ-साथ निजी अस्पतालों से रेफर होकर आने वाले बच्चों का भी सफल उपचार किया जा रहा है।


शनिवार को मीडिया प्रतिनिधियों को एसएनसीयू का भ्रमण कराया गया। इस दौरान उन्होंने वार्मर, ऑक्सीजन सपोर्ट, मॉनिटरिंग सिस्टम और संक्रमण नियंत्रण जैसी व्यवस्थाओं को देखा। चिकित्सकों ने बताया कि कम वजन, समय से पहले जन्मे और संक्रमण से ग्रसित नवजातों का विशेष प्रोटोकॉल के तहत इलाज किया जाता है।


सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने बताया कि नवजात के जीवन का पहला 60 मिनट ‘गोल्डन ऑवर’ होता है। इस दौरान सही इलाज मिलने पर अधिकतर बच्चों की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि 1 जनवरी से 18 फरवरी के बीच 103 नवजात भर्ती हुए, जिनमें से 75 स्वस्थ होकर घर लौटे। इनमें 10 नवजात निजी अस्पतालों से रेफर होकर आए थे।

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