- न सिर्फ टारगेट पूरा होगा बल्कि एसईसीएल में बढ़ेगा एरिया का सम्मान
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धनपुरी। सोहागपुर कोयलांचल का न सिर्फ सुहाग बच जाएगा बल्कि एक बार फिर यह एरिया एसईसीएल के सबसे सशक्त कोयलांचलों की फेहरिश्त में शामिल हो सकेगा। सोहागपुर कोयलांचल क्षेत्र में नए मेगा प्रोजेक्ट रामपुर बटुरा यहां पर 30 वर्षो तक 30 मिलियन टन उत्पादन के लिये कोयले का विशाल भण्डार मौजूद है।मेगा प्रोजेक्ट सोहागपुर कोयलांचल को जीवनदान देगा। बंल्कि यह कहना अति संयोक्ति नहीं होगी कि रामपुर बटुरा ओसीएम से सोहागपुर एरिया का सुहाग तीन दशक तक बना रहेगा।
वार्षिक टारगेट पूर्ण करने प्रयास जारी
सोहागपुर एरिया रामपुर बटुराओसीएम को वर्ष 2024-25 में वार्षिक कोयला टारगेट 15 लाख टन दिया गया था जो मार्च माह तक टारगेट से अधिक कोयला निकलने में सफल होगी। उपक्षेत्रीय प्रबंधक अनिरुद्ध सिंह वार्षिक कोयला टारगेट पूरा करने के लिए प्रयासरत देखे जा रहे हैं। टारगेट से अधिक कोयला उत्पादन करने में सफल हुई है जो सोहागपुर एरिया में सबसे पहले वार्षिक टारगेट पूरा करने में रामपुर मेगा प्रोजेक्ट सफल होगी जिस सफलता का कारण रामपुर बटुरा प्रोजेक्ट के उपक्षेत्रीय प्रबंधक अनिरुद्ध सिंह अथक प्रयास से संभव हो सका है। 2024 -25 में 15 लाख टन वार्षिक टारगेट मिलने की संभावना है।
लक्ष्य के करीब खदानें
एसईसीएल सोहागपुर एरिया की सबसे बड़ी खदान अमलाई ओसीएम को सालाना लक्ष्य 20 लाख टन दिया गया था लेकिन पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी समय के पूर्व यह खदान लक्ष्य से अधिक कोयला निकालने सफल हो जाएगा, डब्ल्यू सीएल एरिया में उन्हें गोल्ड मेडल से सम्मानित उप क्षेत्रीय प्रबंधक परिमल मावा वाला अमलाई ओसीएम में पदस्त होते ही कोयला टारगेट पूरा करने लगा तार प्रयास किया जा रहा है जो निर्धारित समय के पूर्व टारगेट पूरा कर लिया जाएगा ऐसा प्रयास किया जा रहा है।
मार्च इम्तिहान का महीना
कोयला खदानों के लिए मार्च का महीना वार्षिक कोयला उत्पादन टारगेट की सीमा रेखा माना जाता है जो खदानों के लिऐ बड़ा महत्व रखता है क्योंकि पूरे माह और साल में किए गए कोयला उत्पादन की जानकारी बिलासपुर हेड ऑफिस को दी जाती है। कौन सा एरिया कितने घाटा-मुनाफा में है, कौन से माइंस के उपक्षेत्रीय प्रबंधक, खान प्रबंधक अपनी अपनी माइंसों में अपने मेहनत के बलबूते पर कंपनी को कितना लाभ या घाटा पहुंचाया इसका लेखा-जोखा होता है और उसी के हिसाब से आगे की रणनीति भी तय की जाती है। और अधिकारियों का ट्रांसफर भी इधर-उधर किए जाते हैं।
समय के पूर्व बंगवार मांइस का टारगेट
अमलाई बंगवार दामिनी उपक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक संजय सिंह, खान प्रबंधक बी आर कुर्रे सोहागपुर एरिया के खदान का कार्यभार संभालते ही बंगवार माइंस, दामिनी माइंस, में कोयला उत्पादन से जुड़े हर पहलुओ पर ध्यान देते हुए श्रमिकों की समस्याओं पदोन्नति हल करते हुए दामिनी माइंस में सबएरिया कार्यालय खोला गया है जिससे उत्पादन के साथ-साथ टारगेट को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है दामिनी माइंस में 2025 तक सीएम मशीन भी लगाए जाने को लेकर प्रयास किऐ जा रहे हैं जिससे कोयला उत्पादन में बढ़ोतरी हो सके। दामिनी माइंस वार्षिक कोयला टारगेट 3 लाख 40हजार करने के लिए हर संभव प्रयास खान प्रबंधक राजेश खंपरिया उपक्षेत्रीय प्रबंधक प्रयासरत है।
निर्धारित टारगेट पूरा होगा
खैरहा भूमिगत माइंस वार्षिक कोयला टारगेट 8लाख 50 हजार टन कोयला उत्पादन किया जाना है जहां हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी खान प्रबंधक एसपी सिंह के द्वारा उत्पादन सुरक्षा सभी श्रम वीरों से अच्छे तालमेल व्यवहार बनाकर कोयला उत्पादन करने में महारत हासिल है इस वर्ष भी निर्धारित टारगेट पूरा करने में सफल होंगे, राजेंद्र भूमिगत माइंस कोयला वार्षिक टारगेट 1लाख 90 हजार टन करने के लिए खान प्रबंधक बलेनो बालाकृष्णा अपनी टीम के साथ टारगेट करने के अथक प्रयास किया जा रहे हैं।
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