ख़ास बातें
जिनालय से लेकर हरियाना के जैन मंदिर तक बही आस्था की बयार
विधि-विधान से अभिषेक, शांतिधारा के संग-संग हुआ वास्तु विधान
हरियाना में भक्तांबर दीप विधान, जिनालय के बाहर इक्षु रस का वितरण
अक्षय तृतीया पर तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के जिनालय से लेकर हरियाना के जैन मंदिर तक आस्था की बयार बही। धार्मिक कार्यक्रमों का शुभारम्भ जिनालय में शांतिधारा अभिषेक से हुआ, जिसमें जीवीसी श्री मनीष जैन को भगवान 1008 श्री आदिनाथ का अभिषेक और शांतिधारा का सौभाग्य मिला। जिनालय में जगमग जगमग आरती कीजै आदिनाथ भगवान की…आदिनाथ भगवान की आरती हुई। दूसरी ओर प्रशासनिक भवन में चांसलर श्री सुरेश जैन, जीवीसी श्री मनीष जैन और एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर श्री अक्षत जैन के ऑफिस में वास्तु विधान और हवन हुआ। इस सुअवसर पर फर्स्ट लेडी श्रीमती वीना जैन, श्रीमती ऋचा जैन, श्रीमती जहान्वी जैन, सुश्री नंदिनी जैन आदि की गरिमामयी मौजूदगी रही। ये सभी अनुष्ठान शिखर जी आए पंडित ऋषभ जैन शास्त्री के सानिध्य में विधि-विधान से हुए।
शाम को कैंपस से दो बसें कुदंरकी के गांव हरियाना के जिनालय को रवाना हुईं। जहां पर 48 दीपों से भक्ताबंर दीप विधान हुआ। भक्तांबर दीप विधान में टीएमयू परिवार के सैकड़ों श्रावक-श्राविकाओं की मौजूदगी रही। उल्लेखनीय है, अक्षय तृतीया पर भगवान श्री 1008 आदिनाथ जी को हस्तिनापुर में इक्षु रस का प्रथम आहार हुआ था। यह आहार राजा श्रेयांस ने कराया था। टीएमयू में भी श्रावक-श्राविकाओं के लिए इक्षु रस का वितरण किया गया। यह दिवस दान और पुण्य के लिए विशेष महत्व रखता है। कहा जाता है, अक्षय तृतीया पर किया दान अक्षय फल प्रदान करता है। अक्षय तृतीया पर हुई विशेष पूजा-अर्चना में डॉ. कल्पना जैन, डॉ. रवि जैन, डॉ. अर्चना जैन, प्रो. विपिन जैन, श्रीमती अहिंसा जैन, श्री आदित्य जैन, धार्मिक जैन, प्रयास जैन, सर्वज्ञ जैन, सौम्य दोशी, मोहित जैन, रिदम जैन, प्रभास जैन, आराध्य जैन आदि की भी उपस्थिति रही।
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