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18 साल… कई मालिक… कई संकट, फिर भी आसमान में कायम है स्पाइसजेट का यह विमान

VT-SGB से VT-SLC तक का सफर भारतीय एविएशन उद्योग के उतार-चढ़ाव का बना गवाह

नई दिल्ली, एजेंसी। भारतीय विमानन उद्योग में कुछ विमान केवल यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने का माध्यम नहीं होते, बल्कि वे समय के साथ उद्योग के इतिहास के भी गवाह बन जाते हैं। ऐसा ही एक विमान है स्पाइसजेट का पूर्व बोइंग 737 विमान VT-SGB, जिसने करीब 18 वर्षों के अपने सफर में भारतीय एविएशन सेक्टर के कई बड़े बदलाव देखे हैं।

एविएशन से जुड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म AviationAll के अनुसार, यह विमान मई 2008 में बिल्कुल नए रूप में स्पाइसजेट के बेड़े में शामिल हुआ था। इसके बाद से इस एयरफ्रेम ने भारतीय विमानन उद्योग में स्वामित्व परिवर्तन, एयरलाइनों के वित्तीय संकट और नई एयरलाइनों के उदय जैसे कई महत्वपूर्ण दौर देखे।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस विमान ने अपने परिचालन जीवन में तीन बड़े स्वामित्व परिवर्तन देखे हैं। इस दौरान भारतीय एविएशन सेक्टर में कई एयरलाइनों का उदय और पतन हुआ, वहीं कुछ कंपनियां गंभीर आर्थिक संकट से भी गुजरीं। इन सभी बदलावों के बावजूद यह विमान आज भी सक्रिय सेवा में है।

वर्तमान में यह विमान VT-SLC पंजीकरण (Registration) के साथ उड़ान भर रहा है। वर्षों की सेवा के बाद भी इसका परिचालन जारी रहना विमान के रखरखाव, तकनीकी गुणवत्ता और नियमित सुरक्षा जांच का प्रमाण माना जाता है।

एविएशन विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी विमान की लंबी सेवा अवधि उसके समय-समय पर किए गए रखरखाव और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के पालन पर निर्भर करती है। इसी कारण कई व्यावसायिक विमान दो दशक या उससे अधिक समय तक सुरक्षित रूप से परिचालन करते रहते हैं।

भारतीय विमानन उद्योग में तेजी से बदलते परिदृश्य के बीच VT-SGB (अब VT-SLC) का सफर इस बात का उदाहरण है कि एक विमान भी अपने भीतर पूरे उद्योग के बदलते इतिहास की कहानी समेटे होता है।

(स्रोत: AviationAll की सोशल मीडिया पोस्ट एवं एविएशन विश्लेषक अनीश के हवाले से साझा जानकारी)


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