फैक्ट्रियों में घुसा पानी, लाखों का नुकसान
समाज जागरण पटना जिला संवाददाता : वेद प्रकाश
पटना। जिले के बिहटा प्रखंड में 4 मई को आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने औद्योगिक क्षेत्र में भारी तबाही मचा दी। अचानक आए इस प्राकृतिक प्रकोप से कई औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन ठप हो गया, जबकि करोड़ों की मशीनें और कच्चा माल पानी में डूब गए। इस घटना ने औद्योगिक क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था और आपदा प्रबंधन की तैयारियों की पोल खोल दी है।
भारी बारिश के कारण फैक्ट्रियों के भीतर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। सबसे अधिक नुकसान सिकंदरपुर स्थित प्लॉट संख्या बी-6 की एक प्रमुख औद्योगिक इकाई को हुआ है। फैक्ट्री प्रबंधन के अनुसार परिसर में पानी भरने से तैयार उत्पाद और कच्चा माल पूरी तरह बर्बाद हो गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार करीब 70 से 80 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उत्पादन बंद होने से आपूर्ति शृंखला भी प्रभावित हुई है।
उद्योग संचालकों का कहना है कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी सीधे फैक्ट्रियों के अंदर प्रवेश कर गया। उद्यमियों ने बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA) और राज्य सरकार से स्थायी ड्रेनेज व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
प्रभावित उद्योगों ने किराए में राहत और शीघ्र मुआवजा देने की भी अपील की है। फैक्ट्री प्रबंधन ने बीमा कंपनियों को नुकसान की सूचना दे दी है, हालांकि उद्यमियों में इस बात को लेकर संशय बना हुआ है कि उन्हें पूरा मुआवजा मिल पाएगा या नहीं।
उद्योगपतियों का कहना है कि यदि औद्योगिक क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे को मजबूत नहीं किया गया, तो भविष्य में निवेश और उत्पादन दोनों पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। फिलहाल प्रशासन की ओर से राहत कार्य और नुकसान के विस्तृत आकलन का इंतजार किया जा रहा है।



