समाज जागरण अनिल कुमार
हरहुआ वाराणसी।
राजेश्वरी महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय हरहुआ में हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में ‘अपने लेखक से मिलिए ‘ कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार डॉ0 राघवेन्द्र नारायण सिंह ने अपनी कहानी ‘रक्षाबंधन’ का पाठ किया।
उन्होंने कहा हिंदी केवल संप्रेषण का माध्यम ही नहीं है अपितु यह हमारे संस्कार, संस्कृति और सामाजिक रिश्तों की जीवंत संवाहक भी है। हिंदी के साहित्यकारों ने अपने विपुल साहित्य से हिंदी को समृद्ध किया है। हिंदी सम्पूर्ण राष्ट्र को एकसूत्र में पिरोकर हमारी अस्मिता को संरक्षित करने का सशक्त माध्यम है। ‘खामोश’ कहानी संग्रह की अपनी कहानी ‘रक्षाबंधन’ में अभिव्यक्त भाई और बहन के रिश्तों की गहनता और पवित्रता की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यह कहानी हमारे सांस्कृतिक परिवेश और सामाजिक पारिवारिक रिश्तों और मूल्यों को स्थापित करते हुए उस मानसिक पृष्ठभूमि को निर्मित करती है जिससे हर व्यक्ति पात्रों के साथ अपने को गहराई से जुड़ा हुआ महसूस करता है।
कार्यक्रम में ज्योति गुप्ता, सरोजा देवी, शालू गिरि, डॉ0 सुनीता कन्नौजिया,इकबाल अहमद,संदीप सिंह ने सहभागिता की। छात्राओं और शिक्षकों ने हिंदी दिवस पर अपने विचार व्यक्त किये।
कार्यक्रम का संचालन श्रीमती प्रीति राय और आभार उपनिदेशक अंशुमान सिंह ने किया।
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