दिल्ली विश्वविद्यालय के शहीद भगत सिंह ईवनिंग कॉलेज ने विवेकानंद केंद्र, दिल्ली के सहयोग से आयोजित 45-घंटे के लीडरशिप डेवलपमेंट सर्टिफिकेट कोर्स के अंतर्गत योग एवं दर्शन मॉड्यूल को सफलतापूर्वक संपन्न किया। इस कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के सेंटर फॉर होलिस्टिक डेवलपमेंट एवं प्रक्रम–द स्पोर्ट्स सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अरुण अत्री ने अपने उद्बोधन में विवेकानंद केंद्र के प्रयासों की सराहना करते हुए इसके योगदान की विशेष प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि केंद्र के मार्गदर्शन से छात्रों को अपनी शारीरिक एवं मानसिक क्षमताओं को पहचानने और विकसित करने का महत्वपूर्ण अवसर मिला। साथ ही उन्होंने आयोजकों एवं प्रतिभागियों को इस प्रकार के प्रयासों को निरंतर जारी रखने हेतु पूर्ण समर्थन और प्रोत्साहन प्रदान किया।
विवेकानंद केंद्र, दिल्ली के उपप्रमुख डॉ. निखिल यादव ने अपने वक्तव्य में छात्रों को एक महान विचार का स्वप्न देखने, उसी को जीने तथा अपने संपूर्ण व्यक्तित्व में उसे आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने सशक्त चरित्र निर्माण के लिए ईमानदारी और जवाबदेही के महत्व पर भी विशेष बल दिया। कार्यक्रम के समन्वयक प्रो. अमित सोनी ने योग को केवल आसन और प्राणायाम तक सीमित न मानते हुए उसके व्यापक दार्शनिक अर्थ को स्पष्ट किया तथा छात्र के सर्वांगीण विकास में योग की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। कार्यक्रम के समापन दिवस पर लगभग 60 छात्रों एवं प्राध्यापकों द्वारा सामूहिक रूप से 108 सूर्य नमस्कारों के महायज्ञ का आयोजन किया गया। अनुशासन, समर्पण और उत्साह के साथ किए गए इस अभ्यास ने नेतृत्व, टीमवर्क और योगिक मूल्यों की सशक्त अभिव्यक्ति प्रस्तुत की। यह आयोजन योग, दर्शन और राष्ट्रीय मूल्यों पर आधारित समेकित शिक्षा के सकारात्मक प्रभाव को उजागर करता है।
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