रिहायशी सोसाइटी को व्यावसायिक गतिविधियों का केंद्र बनाए जाने पर जताई चिंता, प्रशासन से कार्रवाई की मांग
नोएडा। ग्रेटर नोएडा स्थित सुपरटेक अपकंट्री सोसाइटी के निवासियों ने रिहायशी परिसर में कथित रूप से संचालित हो रहे अवैध हॉस्टलों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों पर गंभीर चिंता जताते हुए प्रशासन, विकास प्राधिकरण और संबंधित विभागों से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
निवासियों का कहना है कि उन्होंने जीवनभर की कमाई लगाकर जिस रिहायशी सोसाइटी में घर खरीदा, वहां अब कथित रूप से अवैध हॉस्टल संचालन, व्यावसायिक बोर्ड और अन्य गतिविधियों के कारण सुरक्षा एवं मूलभूत सुविधाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उनका आरोप है कि इससे सोसाइटी की मूल आवासीय पहचान प्रभावित हो रही है।
रिहायशियों के अनुसार, यदि परिसर पूरी तरह आवासीय है तो इसका संचालन भी उसी स्वरूप में होना चाहिए। उनका कहना है कि कथित अवैध हॉस्टलों के कारण फायर सेफ्टी, बिजली व्यवस्था, लिफ्ट संचालन, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

निवासियों का आरोप है कि कई बार शिकायतें और नोटिस देने के बावजूद कथित अवैध गतिविधियां बंद नहीं हुई हैं। उन्होंने प्रशासन, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, फायर विभाग, बिल्डर और मेंटेनेंस प्रबंधन से मांग की है कि नियमों के विपरीत संचालित गतिविधियों की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए तथा सोसाइटी को उसकी मूल आवासीय प्रकृति के अनुरूप संचालित कराया जाए।
निवासियों की प्रमुख मांगें
- कथित अवैध हॉस्टलों की जांच कर कार्रवाई की जाए।
- नियमों के विरुद्ध चल रही व्यावसायिक गतिविधियां रोकी जाएं।
- सोसाइटी की आवासीय प्रकृति बहाल की जाए।
- फायर सेफ्टी और सुरक्षा मानकों की जांच कराई जाए।
- संबंधित विभागों और प्रबंधन की जवाबदेही तय की जाए।
रिहायशियों का कहना है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में संबंधित विभागों और जिम्मेदार संस्थाओं की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
नोट: यह समाचार सोसाइटी निवासियों द्वारा लगाए गए आरोपों और उनकी मांगों पर आधारित है। संबंधित विभागों या अन्य पक्षों की प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
Discover more from समाज जागरण
Subscribe to get the latest posts sent to your email.



