दैनिक समाज जागरण 03.07.2026 चांद कुमार लायेक (ब्यूरो चीफ) पूर्वी सिंहभूम जमशेदपुर
जमशेदपुर शहर में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं और बिगड़ती कानून व्यवस्था के विरोध में जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय के आह्वान पर आयोजित जमशेदपुर बंद को व्यापक जनसमर्थन मिला। विशेष रूप से बिष्टुपुर स्थित डीडी बार के बाहर हुई हिमांशु सिंह हत्याकांड के बाद लोगों में व्याप्त आक्रोश इस बंद के दौरान स्पष्ट रूप से देखने को मिला। शहर के विभिन्न इलाकों में बाजार, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और कई शैक्षणिक संस्थान बंद रहे, जबकि सार्वजनिक परिवहन सेवाएं भी आंशिक रूप से प्रभावित हुईं। हालांकि, स्वास्थ्य, एंबुलेंस, दवा दुकानों सहित अन्य आवश्यक सेवाओं को बंद से अलग रखा गया, जिससे आम लोगों को जरूरी सुविधाओं के लिए परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
बंद को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने शहर के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की थी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण करते रहे तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने पर नजर रखी। पूरे बंद के दौरान अधिकांश स्थानों पर स्थिति सामान्य और शांतिपूर्ण बनी रही।
जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने भी इस बंद को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। पूर्वी सिंहभूम के जिलाध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव एवं महानगर अध्यक्ष अजय कुमार के नेतृत्व में पार्टी के जिला और महानगर पदाधिकारी, विभिन्न थाना क्षेत्रों के अध्यक्ष, प्रकोष्ठों और मोर्चों के पदाधिकारी सुबह से ही शहर के अलग-अलग बाजारों और व्यावसायिक क्षेत्रों में पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने दुकानदारों, व्यापारियों और आम नागरिकों से शांतिपूर्ण एवं स्वैच्छिक रूप से बंद का समर्थन करने की अपील की।
जदयू नेताओं के अनुसार शहर के अधिकांश व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद रखे और कानून व्यवस्था को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की। उनका कहना था कि व्यापारियों और आम नागरिकों ने यह संदेश दिया है कि शहर में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा प्रशासन को अपराध नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने होंगे।
बंद के दौरान जदयू कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह किसी राजनीतिक लाभ या दलगत उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम नहीं था, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने की मांग को लेकर जनता की लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति थी। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में हत्या, चाकूबाजी, लूट और अन्य आपराधिक घटनाओं में वृद्धि ने आम लोगों के बीच भय का माहौल पैदा कर दिया है। ऐसे हालात में नागरिकों का सड़क पर उतरकर अपनी आवाज उठाना स्वाभाविक है।
पार्टी नेताओं ने कहा कि हिमांशु सिंह हत्याकांड ने पूरे शहर को झकझोर दिया है और इस घटना के बाद लोगों का प्रशासन पर भरोसा कमजोर हुआ है। उनका कहना था कि अपराधियों के बढ़ते मनोबल पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस और प्रशासन को त्वरित एवं कठोर कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि लोगों में सुरक्षा की भावना बहाल हो सके।
जदयू नेताओं ने दावा किया कि जमशेदपुर की जागरूक जनता ने बंद को सफल बनाकर यह स्पष्ट संकेत दिया है कि अपराध और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ अब जनमानस एकजुट हो चुका है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की आवाज का सम्मान होना चाहिए और सरकार तथा प्रशासन को इस जनभावना को गंभीरता से लेते हुए कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
पार्टी ने उम्मीद जताई कि बंद के माध्यम से उठाई गई मांगों पर शासन-प्रशासन सकारात्मक पहल करेगा। दोषियों के खिलाफ त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी तथा शहर में भयमुक्त वातावरण स्थापित करने के लिए प्रभावी रणनीति अपनाई जाएगी। जदयू नेताओं ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण ही जनता का विश्वास पुनः स्थापित कर सकता है। उन्होंने बंद को सफल बनाने वाले सभी नागरिकों, व्यापारियों और सामाजिक संगठनों के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
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