चंदौसी संवाददाता
चंदौसी नगर के कैथल गेट स्थित श्री देवी गंगा मंदिर में चल रहे 17 दिवसीय श्री अन्नपूर्णा व्रत महोत्सव का बुधवार को विधि–विधान के साथ समापन हुआ। समापन अवसर पर पंडित मनोज शर्मा एवं श्रीमती प्रवेश शर्मा द्वारा माता अन्नपूर्णा की प्रतिमा का वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पंचामृत से अभिषेक कराया गया। इसके बाद माता का मनोहारी श्रृंगार कर विशेष पूजन संपन्न हुआ।
कथा व्यास पंडित भूदेव शंखधार ने माता अन्नपूर्णा को माता पार्वती का ही पालनकर्ता स्वरूप बताते हुए विभिन्न पुराणों के प्रसंग सुनाए। उन्होंने धनंजय ब्राह्मण का वृतांत सुनाते हुए कहा कि माता अन्नपूर्णा की उपासना से जीवन के सभी दुखों का नाश होता है और सुख, संपत्ति एवं समृद्धि प्राप्त होती है।
उन्होंने कथा के दौरान बताया कि महाराज युधिष्ठिर ने भगवान श्रीकृष्ण से अपने कष्टों का कारण पूछा था। इस पर भगवान कृष्ण ने अन्नपूर्णा व्रत की महिमा बताते हुए वह प्रसंग सुनाया जब श्रीराम राज्य छोड़कर वनवास के दौरान कठिन परिस्थितियों से गुजरे। अगस्त्य मुनि द्वारा बताए गए अन्नपूर्णा व्रत का पालन कर श्रीराम ने पुनः राज्य, धन एवं सुख की प्राप्ति की। इसी प्रकार धनंजय ब्राह्मण को भी माता अन्नपूर्णा की कृपा से अखंड लक्ष्मी प्राप्त हुई।
कथा उपरांत माता अन्नपूर्णा के मंत्रोच्चारण के साथ हवन किया गया। पंडित मनोज शर्मा ने आरती संपन्न करवाई, जिसके बाद भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया।
कार्यक्रम में भगवती प्रसाद, शारदा देवी, लक्ष्मीनारायण, अर्चना, बंशी, जगदीप, ऊषा, पारुल, कृष्णा, सौम्या, वैष्णवी, सीताराम, सरोजिनी, मोहिनी, राधा, प्रवीण, साधना, अंशिका, कुमकुम, शीला, मीना, नीरू, अनन्या, पूजा, पुष्पा देवी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।



