समाज जागरण पटना जिला संवाददाता:- वेद प्रकाश
पटना/ राजधानी पटना में अपराधों की बढ़ती घटनाओं पर नियंत्रण पाने के लिए पटना पुलिस ने एक नई और सशक्त पहल की है। इसके अंतर्गत शहर के 31 थाना क्षेत्रों में 124 क्विक मोबाइल रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) की तैनाती की गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना, अपराध की घटनाओं पर त्वरित प्रतिक्रिया देना और आम नागरिकों में सुरक्षा का विश्वास पैदा करना है। एसएसपी अवकाश कुमार ने जानकारी दी कि इन क्यूआरटी टीमों को तीन शिफ्टों में कार्यरत किया जाएगा। ये टीमें दिन-रात शहर की सड़कों पर पेट्रोलिंग करेंगी। विशेष ध्यान संवेदनशील क्षेत्रों पर दिया जाएगा, जैसे—बैंक, पेट्रोल पंप, ज्वेलरी शॉप, भीड़भाड़ वाले बाज़ार और सार्वजनिक स्थल। हर थाना क्षेत्र को 4-4 पेट्रोलिंग बाइक दी गई हैं। प्रत्येक बाइक पर दो पुलिसकर्मी तैनात होंगे, जिनमें एक दरोगा और एक सिपाही शामिल होंगे। इन क्विक मोबाइल टीमों को आधुनिक तकनीक से भी लैस किया गया है। हर बाइक में जीपीएस और वायरलेस सेट लगाए गए हैं, ताकि उनकी लाइव लोकेशन ट्रैक की जा सके और आपात स्थिति में कमांड सेंटर से तुरंत संपर्क स्थापित हो सके। इसके साथ ही टीम को टैबलेट और मोबाइल दिए गए हैं, जिनमें जिले के सक्रिय अपराधियों की पूरी जानकारी फीड की गई है। इसमें संदिग्ध अपराधियों के नाम, फोटो, मोबाइल नंबर, आपराधिक इतिहास जैसी सूचनाएं शामिल हैं। इन मोबाइल टीमों को यह निर्देश दिया गया है कि यदि किसी संदिग्ध व्यक्ति से सामना होता है, तो उसकी तुरंत जांच की जाए। फोटो और आपराधिक विवरणों की मदद से पुलिस त्वरित रूप से सत्यापन कर सकेगी और उचित कार्रवाई कर पाएगी। यह व्यवस्था न केवल अपराध की रोकथाम में सहायक होगी, बल्कि पहले से वांछित अपराधियों को भी जल्द से जल्द पकड़ा जा सकेगा। इस नई व्यवस्था के क्रियान्वयन का जायजा लेने के लिए डीजीपी विनय कुमार, पटना आईजी गरिमा मलिक, एसएसपी अवकाश कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी राजधानी की सड़कों पर उतरे। कई प्रमुख चौराहों और संवेदनशील क्षेत्रों में वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान एक युवक को शराब की बोतल के साथ हिरासत में लिया गया, जो पूर्ण शराबबंदी वाले राज्य में कानून का स्पष्ट उल्लंघन था। इस अभियान के अंतर्गत रात्रिकालीन गश्ती व्यवस्था को भी विशेष रूप से सशक्त बनाया गया है। पुलिस टीमों को निर्देश दिया गया है कि रात के समय बैंक, एटीएम, गहनों की दुकानों और सुनसान इलाकों में अधिक सतर्कता बरती जाए। अपराधियों द्वारा रात्रि को अंजाम दिए जाने वाले अपराधों पर नियंत्रण के लिए ये टीमें अहम भूमिका निभाएंगी।
Discover more from समाज जागरण
Subscribe to get the latest posts sent to your email.



