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मेधावियों को उनके मंजिल तक पहुँचाना ही मकसद– डॉ एनपी सिंह

समाज जागरण आशीष कुमार गुप्ता
बाबतपुर,वाराणसी । भारतीय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ एन. पी. सिंह ने कहाकि मेधावी व आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाकर उन्हें समाज के मुख्य धारा में शामिल कर उन्हें योग्य नागरिक बनाने से ही समाज व देश की तरक्की होगी।
पूर्व आईएसएस व भारतीय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ एन पी सिंह ने उक्त बातें अपने गृह गांव बरजी में स्थानीय पत्र प्रतिनिधनियो से बातचीत के दौरान कही। उन्होंने कहाकि मैं वर्षो से ऐसे बच्चों को समाज के मुख्य धारा में जोड़ना चाहता हूं। जो संसाधनों से दूर है। आदिवासी इलाके जैसे मिर्जापुर, छतीसगढ़ व झारखंड में काम करते आये है और वहाँ संस्थाए चलाकर उन्हें शिक्षा दिलाने का काम कर रहा हू।वाराणसी व जौनपुर जिले में भी वनवासी व गरीब तबके से जुड़े मेधावी छात्रों को निःशुल्क नीट, इंजीनियरिंग और अन्य कोर्स कराकर रोजगार दिलाने के उद्देश्य से मेरी संस्था तथागत शिक्षण संस्थान लगातार प्रयासरत है। उन्होंने एक प्रश्न के उत्तर में कहाकि आदिवासी ही नही बल्कि समाज के ऐसे लोग जो पढ़ना चाहते है लेकिन संसाधन के साथ आर्थिक स्थिति ठीक नही है संस्था उनको हर सम्भव मदद कर रही है। उन्होंने बताया कि बनारस पब्लिक स्कूल में 10वी कक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित करने वाले सभी बच्चों की पूरी शुल्क माफ कर दिए हैं। यह काम पिछले पांच वर्षों से लगातार किया जा रहा है। 12वी कक्षा में 90 से 95 प्रतिशत अंक अर्जित करने वाले बच्चों को नीट व जेई आदि की तैयारी करने के लिए कोचिंग फीस में 50 प्रतिशत शुल्क तथा 95 प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित करके नीट व जेई आदि की तैयारी करने वाले बच्चों की पूरी कोचिंग फीस का भुगतान स्वयं कर रहे है। आस पास के सरकारी प्राथमिक विद्यालय से कक्षा 5 के टॉपर्स बच्चों को अपने विद्यालय में निश्शुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है। तथागत औद्योगिक शिक्षण संस्थान मिर्जापुर ,आईटीआई से लगायत अनेक ऐसे कोर्स की निश्शुल्क व्यवस्था आदिवासी छात्रो के लिए करती है जो रोजगार परक हो।


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