महिला ने एसपी सोनभद्र को शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई
- उच्चाधिकारियों को भी रजिस्टर्ड डाक से शिकायती पत्र भेजा
- एसपी ने कोन पुलिस को कार्रवाई करने का दिया निर्देश
ब्यूरो चीफ़ सोनभद्र। दैनिक समाज जागरण
कोन/ सोनभद्र। जाको राखे साइयां, मार सके ना कोय वाली कहावत उस समय चरितार्थ हो गई जब एक महिला को जान मारने की नीयत से पांडु नदी पुल पर से धक्का देकर नीचे गिरा दिया गया, लेकिन सिर्फ दाहिने हाथ की कलाई टूट गई और शरीर मे कई जगह अंदरूनी चोटें आई हैं। पीड़ित महिला ने एसपी सोनभद्र अशोक कुमार मीणा से वृहस्पतिवार को मुलाकात कर आपबीती सुनाई और शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। एसपी ने कोन पुलिस को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया है। उधर पीड़ित महिला राजकुमारी पत्नी नान्हकचंद निवासी पिपरखाड़, थाना कोन, जिला सोनभद्र ने उच्चाधिकारियों को भी रजिस्टर्ड डाक से शिकायती पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
दिए शिकायती पत्र में पीड़ित महिला ने अवगत कराया है कि 21 मार्च 2025 को दोपहर 12 बजे वह कचनरवा बाजार जा रही थी, जब वह पांडू नदी पुल पर पहुंची तभी पीछे से आकर गांव का अरुण अगरिया पुत्र रमेश अगरिया उसे पकड़ लिया और छेड़छाड़ करने लगा। विरोध करने पर गाली देते हुए कहा कि कोर्ट से नोटिस भेजवाई हो ताकि हमलोग जेल चले जाएं कहते हुए मारने पीटने लगा। उसकी मोबाइल और पांच हजार रुपये लूटने के बाद जान मारने की नीयत से धक्का मारकर पुल से नीचे गिरा दिया। इस दौरान उसके दाहिने हाथ की कलाई टूट गई और शरीर में कई जगह अंदरूनी चोटें आई हैं। रोने की आवाज सुनकर पुल से होकर जा रहे कई लोग मौके पर आ गए और उसे पानी से बाहर निकाल कर ले आए और 112 नम्बर पुलिस को सूचना देकर बुलाया। पुलिस आई और एम्बुलेंस बुलाया, उसे लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोन ले जाकर मेडिकल बनवाकर पुलिस थाने चली गई। दूसरे दिन सुबह कोन थाने पर शिकायती पत्र दिया तो पुलिस ने उसे स्वीकार नहीं किया, बल्कि मनमाने ढंग से अधूरी बात लिखवाकर ले लिया और एक रसीद दिया कहा पता करते रहना। जब घर आई तो शाम साढ़े छह बजे अभियुक्तगण अरुण अगरिया, अरविंद अगरिया, अनिल अगरिया, प्रियंका, रमेश अगरिया, संजय पासवान घर में घुस आए कहा कि नोटिस भेजवाई हो और थाने में भी शिकायत की हो उसे वापस ले लो, अन्यथा अबकी बार पुल से नीचे गिरने के बाद भी बच गई, लेकिन अब नहीं बचोगी। पूरे परिवार को जान से मरवा दूंगा। हमलोगों का कुछ नहीं होने वाला, क्योंकि थाने से लेकर ऊपर तक पहुंच है। जब हिम्मत जुटाकर 23 मार्च को थाने गई और अभियुक्तगण के विरुद्ध शिकायत की तो पुलिस वालों ने डांट कर भगा दिया। अभियुक्तगण ने पूर्व में 18 मार्च 2023 को भी घर में घुसकर छेड़छाड़, मारपीट, लूट की घटना को अंजाम दिया था। इस मामले में सीजेएम कोर्ट ने 30 मार्च को अभियुक्तों को सम्मन के जरिए तलब किया है। इसी से नाराज होकर अभियुक्तों ने इस घटना को अंजाम दिया है। कोई कार्रवाई न होने की वजह से अभियुक्तों का हौसला बुलंद है। शीघ्र कार्रवाई न होने पर अभियुक्तगण किसी भी दिन बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं। एसपी ने कोन पुलिस को कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
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