दैनिक समाज जागरण अनील कुमार संवाददाता नबीनगर (औरंगाबाद)
नबीनगर (बिहार) नबीनगर प्रखंड के सुप्रसिद्ध शक्तिपीठ गजना धाम मंदिर परिसर में संत शिरोमणि रविदास की 649 वीं जयंती समारोह पूर्वक आयोजन किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता न्यास समिति के सचिव सिद्धेश्वर विद्यार्थी एवं संचालन भृगुनाथ सिंह ने किया ।कार्यक्रम की शुरुआत संत रविदास के चित्र पर माल्यार्पण कर और दीप जलाकर वंदन किया गया।इस अवसर पर वक्ताओं ने संत रविदास के जीवन और कार्यों पर प्रकाश डाला।इस आयोजन में संत रविदास के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई, जिसमें उनके सामाजिक और धार्मिक योगदान शामिल हैं।
वक्ताओं ने संत रविदास की शिक्षाओं और उनके संदेश को वर्तमान समय में प्रासंगिक बताया। वक्ताओं ने कहा कि संत रविदास भक्ति आंदोलन के महान संत कवि थे, जिनका जन्म वाराणसी के पास हुआ और जो मोची का काम करते थे; उन्होंने जाति-पाति का खंडन कर सामाजिक समानता और निर्गुण ईश्वर की भक्ति का संदेश दिया, और उनके भजन गुरु ग्रंथ साहिब में भी शामिल हैं, जिससे वे रविदासिया पंथ के संस्थापक और समाज सुधारक के रूप में पूजे जाते हैं। कहा जाता है कि माघ मास की पूर्णिमा को जब रविदास जी ने जन्म लिया वह रविवार का दिन था जिसके कारण इनका नाम रविदास रखा गया ।
गजना धाम न्यास समिति के सचिव सिद्धेश्वर विद्यार्थी ने बताया कि संत रविदास की जयंती के अवसर पर प्रतिवर्ष विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं जिसमें संगोष्ठी, कवि सम्मेलन और अन्य कार्यक्रम शामिल हैं। मौके पर मुखिया अमोद कुमार चंद्रवंशी, पूर्व मुखिया टूना सिंह,करेश पासवान, कांग्रेस अध्यक्ष संतन सिंह,श्यामबिहारी सिंह, औरंगाबाद से आरएसएस के अरुण कुमार सिंह ,अधिवक्ता श्रीकांत अग्रवाल, रमजान अली,राजकुमार रजक,अरुण मेहता, कर्मदेव मुखिया, मिथिलेश चंद्रवंशी सहित गजनाधाम न्यास समिति के अन्य सदस्य एवं अन्य गणमान्य मौजूद थे।



