लव जिहाद का कड़वा सच – रीना अग्रवाल

मुंबई ( गिरजा शंकर अग्रवाल ) – आजकल मोनालिसा की मुस्लिम से शादी की वजह से जिधर‌ देखो लव‌ जिहाद की चर्चा जोरों पर है। एक्ट्रेस रीना अग्रवाल ने बताया कि मेरे हिसाब से लव जिहाद में काफी कुछ सच्चाई भी है, वरना यू. पी. का रहने वाला एक लड़का इरफान एक हिन्दू लड़की से शादी करने के लिए केरल क्यूं जाता, वो केरल गया इसीलिए कि वहां इस तरह के केसों में समाज, प्रशासन और राजनेताओं का भरपूर सपोर्ट मिलता है। अब सवाल ये भी है कि हिंदू लड़कियों को हिंदू लड़के क्यूं नहीं पसंद आ रहे हैं उन्होंने कुछ तो उनमें ऐसा बुरा देखा होगा। सच में तो उनमें ऐसी कोई खास बुराई नहीं है!

लेकिन उनमें ईगो कुछ ज़्यादा होता है और शायद लड़कियों को अपनी प्यार भरी बातों से इंप्रेस करना भी नहीं आता और वहीं मुस्लिम लड़कों को मस्जिदों से पैसे और टारगेट दिये जाते हैं। वैसे भी उनको पढ़ाई लिखाई और रोजगार की कोई चिंता नहीं है वो तो बस हिन्दू लड़कियों को शिकार बनाने के लिए दिन रात लग जाते हैं। हिन्दुओं में मुस्लिमों के मुकाबले वैसे ही लड़के कम होते हैं और वो भी अपनी पढ़ाई और रोजगार की चिंता में खोये रहते हैं।

रियल में तो हमारे हिंदूओं में एकता की भी बहुत कमी है सब बस अपनी अपनी दुनिया में खोये रहते हैं और अपने धर्म के कमजोर वर्गों की तरफ कभी कोई ध्यान नहीं देते हैं। इसी स्वार्थ की वजह से अंग्रेजों ने हमारे उपर इतने सालों तक राज किया, उससे पहले मुगलों ने राज किया। कारण सिर्फ एक सिर्फ खुद का स्वार्थ, छोटे छोटे राज हुआ करते थे! और उनके राजाओं में आपस में कभी बनती ही नहीं थी। बस इसी कमजोरी का‌ फायदा अंग्रेजों और मुगलों ने उठाया।

और आज भी वही हो रहा है!एक मुस्लिम के साथ कहीं कोई वारदात हो जाये तो पूरा मुस्लिम वर्ल्ड गला फाड़-फाड़कर एक सुर में चिल्लाने लगता है और एक हिन्दु सड़क पर अकेला पिटता रहेगा कोई ये भी पूछने के लिए नहीं रुकेगा कि क्या बात है।तो मुसलिम्स को दोष देने से पहले ये तो देखें कहीं न कहीं इसमें हम हिंदू भी जिम्मेदार हैं। एक और बात कि हम अपने बच्चों को वो संस्कार नहीं दे पा रहे हैं जो उन्हें अपनी संस्कृति और सनातन धर्म पर गर्व महसूस कराये।

बिना संस्कारों के आदमी बिन पैंदे के लौटे की तरह ही होता है जो किधर भी लुढ़क सकता है।सभी लोग आधुनिकता और अंग्रेजी के पीछे भाग रहे हैं!कॉन्वेंट एजुकेशन में सही संस्कार मिल भी नहीं सकते और अगर हमारे संस्कार मजबूत नहीं होंगे!तो कोई हमें अपने धर्म से डिगा सकता है! तो मुझे लगता है कि हम लोग एक होना सीखें और सब एक दूसरे को सपोर्ट तो करें । वरना फिलहाल तो हालत यह है कि किसी हिन्दू को अगर पता चल जाए कि किसी दूसरे हिंदू के बारे में कि वो गरीब है और उसको सपोर्ट करना तो दूर उसे जलील करेंगे नीचा दिखाएंगे और कहीं ना कहीं उसकी मजबूरी का फायदा उठाने की कोशिश करेंगे! क्योंकि मैं खुद यहां देख रही हूँ, मैं खुद यहां रह रही हूँ, अभी रेंट पे, तो कोई भी हिंदू एक एक पैसे के लिए, जिनके बड़े बड़े घर है, चार चार घर है!जो पैसे वाले हैं वो भी छोटी-छोटी मदद करने के बदले में भी शोषण करने पर उतारू हो जाते हैं।

मुझे भी मुंबई में एक काम दिलवाने के बदले पहले अकेले में होटल मे मिलने को बोलते हैं,वैसे अपनी अय्याशी पे और दिखावे पे लाखों खर्च कर देंगे लेकिन किसी मजबूर की मदद नहीं करेंगे।अब ऐसे हिंदू लोगों से तो डर ही लगेगा! वहीं मुस्लिमों में जबरदस्त एकता होती है और समाज के कमजोर लोगों को सब सपोर्ट करते हैं, और लव जिहाद करके हिन्दू लड़की से शादी करने वाले को VIP ट्रीटमेंट देते हैं उसे सर आंखों पर रखते हैं, उसे बहुत बड़े हीरो की तरह सम्मान देते हैं। और हिन्दूओं में धर्म का सिर्फ दिखावा होता है, अमल कोई नहीं करता है। शायद मोनालिसा को भी हिन्दूओं से वो सपोर्ट और हमदर्दी ना मिली हो जितनी हमदर्दी फरमान ने मोनालिसा के सामने फ़रमाई हो। अब वो हमदर्दी किस हद तक और कितने दिन तक चलती है वो वक्त बताएगा।

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