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अर्जित अवकाश के लाभ से जुड़ा मामला कलेक्टर सहित दिव्यांग जनों के कल्याण हेतु गठित कोर्ट में पहुंचा।

कटनी/दिव्यांग जनों के साथ होने वाले अन्याय, अत्याचार,शोषण, और मानसिक प्रताड़ित से जुड़े प्रकरणों की सुनवाई हेतु प्रदेश स्तर पर गठित न्यायलय में एन.के.जे. विद्यालय उपनगरीय क्षेत्र कटनी से विगत वर्ष सितम्बर 2025 में सेवा निवृत्त हुए दिव्यांग सहा.शिक्षक मार्तण्ड सिँह राजपूत के अर्जित अवकाश से जुड़ा मामला पहुँच चुका है। जानकारी के मुताबिक शिक्षा विभाग को लगातार 42वर्षों तक अनवरत सेवाएं देने वाले इस दिव्यांग शिक्षक के अर्जित अवकाश के नगदीकरण से जुड़े अवकाशों को पूर्वाग्रह और बदले की भावना से ग्रसित होकर जबाबदेय संकुल प्राचार्य एन. के. जे.कटनी द्वारा दिव्यांग सेवा निवृत्त शिक्षक के सेवा अभिलेख में दर्ज करने में गुरेज से दुखी शिक्षक, जो कि विभिन्न कर्मचारी संगठनों में महत्वपूर्ण पदाधिकारी की भूमिका में रहकर अपने सेवा काल से लेकर अभी तक अनेकों अनेक बार संकुल प्राचार्य को उनके शिक्षक विरोधी कृत्य पर खबरदार करके उन्हें उनका कर्तव्यबोध का अनुभव कराते रहे हैँ।

इन्हीं बदले की मानसिकता के चलते संकुल प्राचार्य द्वारा सन् 2012 से सेवा निवृत्ति के समय तक के उन समस्त आदेशों को शिक्षक के सेवा पुस्तिका में दर्ज करके अर्जित अवकाशों के लाभ से जुड़ी गणना सीट तैयार नहीं कराई गयी, जिनका लाभ पाने का शिक्षक हक़दार है ।हाला इसकी शिकायत अनेकों अनेक बार जिले के संवेदनशील कलेक्टर को दिव्यांग शिक्षक द्वारा की गयी, किन्तु जिले के शिक्षा विभाग के अधिकारीयों द्वारा इस प्रकरण को गंभीरता से न लेने पर मामला निराकरण से कोसों दूर जाते दिखायी दे रहा था।दिव्यांग शिक्षक द्वारा सेवा निवृत्त होने के पश्चात से ही अपने अर्जित अवकाश संबंधी अधिकारों को प्राप्त करने की लड़ाई लड़ी जा रही थी, लेकिन शिक्षक को न्याय देने में विभाग के अधिकारीयों के नैरस्यमय रवैया के कारण से ही खिन्न होकर शिक्षक द्वारा अपना प्रकरण दिव्यांग जन अधिनियम विधेयक 2016 की धारा 82 के प्रावधान के अनुसार गठित न्यायालय भोपाल में अपना मामला न्याय प्राप्त करने की प्रत्यासा में पहुँचाया गया है।

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