धानक समाज के लोगों ने एकत्रित होकर रोष जताया, कहा सरपंच की नेम प्लेट कैसे लगाए पूरे गांव का मिला है सहयोग
दैनिक समाज जागरण , ( महेन्द्र जावला बहल )
बहल-भिवानी। बहल कस्बे की धानक धर्मशाला में चारदीवारी बनाए बिना उसको बनाने का सार्वजनिक प्रचार प्रसार किए जाने पर धानक समाज के लोगों में रोष फैल गया। समाज के लोगों ने कहा कि उन्होंने बार बार ग्राम पंचायत के सरपंच से चारदीवारी बनाए जाने का अनुरोध किया, पर चारदीवारी तो बनाई नहीं लेकिन इसका समाचार पत्रों में प्रचार किया गया है। लोगों ने कहा कि सरपंच ने चारदीवारी बनाए जाने का प्रचार कर समाज के लोगों के साथ अन्याय किया है, जो सहन करने योग्य नहीं है।
वीरवार को धानक समाज के दर्जनभर लोग धर्मशाला परिसर में एकत्रित हुए। लोगों ने कहा कि उनके समाज की धर्मशाला करीब तीस साल पहले बनाई गई थी। धर्मशाला के निर्माण में पूरे बहल कस्बे के लोगों ने अपना सहयोग दिया था। पिछले करीब दो साल से धर्मशाला की चारदीवारी पुरानी होने के कारण कई जगहों से गिर गई है। इसको लेकर वे सरपंच से मिले और चहारदीवारी का निर्माण किए जाने की मांग की। लेकिन, चहारदीवारी की हालत दिन प्रतिदिन क्षतिग्रस्त होती गई। ग्राम पंचायत ने चारदीवारी तो बनाई नहीं लेकिन समाचार पत्रों में ग्राम पंचायत के विज्ञापन में उसे बनाई दिखाई है जिससे समाज के लोगों में भारी रोष है।
लोगों ने कहा कि जब उन्होंने सरपंच से बात की तो सरपंच ने कहा कि वे चारदीवारी बनाने पर उस पर अपना बोर्ड लगाएंगे। जबकि, समाज के लोग इस पक्ष में नहीं है। क्योंकि, धर्मशाला का निर्माण ग्राम पंचायत ने नहीं करवाया है वरन पूरे बहल गांव के लोगों से सहयोग लिया गया है। ऐसे में वे ग्राम पंचायत का नाम कैसे अंकित करवा सकते है। लोगों ने कहा कि जिस दिन ग्राम पंचायत उनकी चारदीवारी का निर्माण करवा दें उस दिन ही समाचार पत्रों में ऐसे विज्ञापन जारी करें। बिना चारदीवारी बनाए विज्ञापन देकर पूरे समाज के साथ एक तरह से अन्याय किया है जिससे पूरे समाज में इस बात को लेकर भारी रोष बना हुआ है। उन्होंने कहा कि वे मामले को अधिकारियों के संज्ञान में लाएंगे ताकि उनको न्याय मिल सकें।
ये रहे मौजूद
वीरवार को धर्मशाला में चारदीवारी को सही करवाने की मांग को लेकर प्यारे लाल नागर, आनंद भाबर, पवन बागड़ी, मुकेश बागड़ी, विक्की बागड़ी, दरियासिंह, महाबीर, मेवासिंह, विजय बागड़ी, सीताराम, शिव नागर, पंच राजबीर बागड़ी, पृथ्वी सिंह,धनसिंह, जगदीश, सतीश नागर, सत्यनारायण, मुकेश, सुरेश, राजकुमार ने एकत्रित होकर रोष जताया।
वर्जन
वर्ष 2024 के बजट में धर्मशाला के पीछे की चहारदीवारी निकाली गई थी। उस वक्त आगे की चहारदीवारी सही थी इसलिए आगे की नहीं बनाई गई थी। बजट नहीं होने के कारण आगे की चहारदीवारी का निर्माण नहीं हुआ था। चहारदीवारी पर नाम अंकित किए जाने जैसी कोई बात नहीं है।



